पराली जलाने के मामलों में रोक लगाने के नाम पर पुलिस ने दो मृत महिला किसानों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामला उजागर हुआ तो पुलिस अब पल्ला झाड़ने में लगी है।
कोंच पुलिस का कहना है कि एफआईआर लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है। वहीं, एसडीएम अशोक कुमार का कहना है कि गलत नाम पर यदि एफआईआर हुई है, तो दोषी भी नहीं बख्शे जाएंगे, फिलहाल मामले की जांच तहसीलदार को दी गई है।
पिछले कुछ दिनों से पुलिस प्रशासन खेतों में पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को एसडीएम ने भी कई खेतों का निरीक्षण कर पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई की बात कही थी।
इसके बाद मंगलवार को ही लेखपाल की रिपोर्ट पर आठ से दस किसानों के खिलाफ कोंच कोतवाली में पराली जलाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इन्हीं में दो महिला किसानों के नाम भी शामिल है, जिनका निधन काफी समय पहले हो चुका है।
पहली महिला किसान हैं, गेंदारानी जिनके खिलाफ अपराध संख्या 454 व दूसरी हैं ढकेली देवी के खिलाफ अपराध संख्या 455 में एफआईआर दर्ज की गई है। इन दोनों मृत महिला किसानों पर धारा 278, 290, 291, 188 (वायुमंडल को प्रदूषित करना, अनुबंधित मामलों में कार्रवाई, आदेशों की अवहेलना आदि) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन महिलाओं के परिजनों की मानें तो दोनों महिलाओं की मौत दस वर्ष पहले ही हो चुकी हैं।
हैरत की बात यह है कि गांव के लेखपाल को इसकी जानकारी ही नहीं है और न ही यह मालूम है कि किस खेत में कौन सी फसल बोई गई है। मामले की गंभीरता को देख पुलिस और प्रशासन दोनों के अधिकारी सकते में है। फिलहाल मामला जांच के लिए तहसीलदार को दिया गया है। एसडीएम का कहना है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दो तीन दिनों के दौरान कोंच तहसील क्षेत्र के कई थानों में ऐसे किसानों जिन्होंने खेतों में पराली जलाई है, के खिलाफ एफआईआर से लेकर जुर्माने और शांतिभंग की कार्रवाई की गई हैं।
मंगलवार को ही कोंच कोतवाली में ऐसे कई किसानों के खिलाफ मामला दर्ज की गई। जब इसकी खबर उन आरोपी किसानों को लगी तो उनमें से कुछ किसानों जिनके खेतों में पराली जली ही नहीं थी, के हाथ पांव फूल गए।
उन किसानों ने बुधवार को इसकी शिकायत भी एसडीएम के यहां की है। कुदरा खुर्द गांव निवासी राजकुमार के खिलाफ, अशोक कुमार, दिनेशकुमार, जयप्रकाश आदि ने एसडीएम अशोक कुमार के यहां प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि उनके खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इसकी कोई जांच पड़ताल भी नहीं की गई और कई किसानों के गलत नाम भी लेखपाल की रिपोर्ट के साथ कोतवाली चले गए। एसडीएम अशोक कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जांच तहसीलदार से कराई जा रही है, किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।