उरई। लॉकडाउन के कारण बंद पड़े धार्मिक स्थलों को शर्तों के साथ सोमवार से भक्तों के लिए खोल दिया गया। इसके पहले धार्मिक स्थलों की साफ सफाई कर उन्हें सैनिटाइज किया गया। धार्मिक स्थलों के गेटों पर कर्मचारी की तैनाती कर दी गई ताकि एक बार में पांच से ज्यादा लोग अंदर न आ सके। इन धार्मिक स्थलों में आने और बाहर जाने के रास्ते अलग अलग किए गए।
शहर के ठड़ेश्वरी मंदिर, संकटा देवी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, हाथी मंदिर, हुल्की माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, काली माता मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर, बड़ी माता मंदिर सोमवार से भक्तों के लिए खोल दिए गए। भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने मंदिरों में जाकर उन्हें सैनिटाइज कराया। बिना मास्क के आने वाले भक्तों को मास्क भी दिए और आगे से मास्क पहनकर ही मंदिर में आने को कहा। ठड़ेश्वरी मंदिर के पुजारी कमलेश त्रिवेदी ने बताया कि गेट पर ही भक्तों के हाथ सैनिटाइज किए गए।
उनसे प्रसाद आदि चढ़ाने की मनाही रही। भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसी तरह राठ रोड स्थित गुरुद्वारे ज्ञानी कुलदीप सिंह और प्रधान आज्ञा सिंह बत्रा ने अरदास की और संगत ने मत्था टेका। इसी तरह बेरी वाले बाबा की दरगाह पर खादिम नाजिम अली शाह ने अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ी। उन्होंने बताया कि एक बार में सिर्फ पांच लोगों की ही दरगाह में आने की इजाजत दी गई। जब वे बाहर निकल गए तब दूसरे लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया। इस दौरान अधिकारी भी धार्मिक स्थलों का निरीक्षण करते रहे।
शहर के संकटा माता मंदिर में सैनिटाइजर कराते कर्मी- फोटो : ORAI