कर्मचारियों को संबोधित करते एसोसिएशन के पदाधिकारी
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जालौन। एलआईसी का मकसद सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को बीमा सुविधा देना है पर निजीकरण से एलआईसी सेवा की बजाए मुनाफे पर फोकस करने वाली कंपनी बन जाएगी। एलआईसी की हिस्सेदारी बेचे जाने के खिलाफ 17 मार्च को एलआईसी कर्मचारी एक घंटे की वॉक आउट स्ट्राइक करेंगे। यह बात एलआईसी कार्यालय में ऑल इंडिया इंश्योरेंश इंप्लाइज एसोसिएशन की बैठक में क्षेत्रीय महासचिव राजीव निगम ने कही।
बता दें कि बीमा कंपनी की हिस्सेदारी का आईपीओ लाने का एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में किया था। जिसके विरोध में गुरुवार को ऑल इंडिया इंश्योरेंश इंपलाइज एसोसिएशन की स्थानीय शाखा में बैठक हुई। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महासचिव राजीव निगम ने कहा कि एलआईसी ने अपना कारोबार 5 करोड़ के कैपिटल बेस से शुरूआत कर अब तक 53 हजार करोड़ से अधिक की वेल्यूएशन सरप्लस बनाई है। यह सफर कंपनी ने बिना किसी निजीकरण के ही तय किया है।
कहा कि एलआईसी के निजीकरण का कोई भी कदम आम आदमी के भरोसे को कम ही करेगा। यही वजह है कि सभी कर्मचारी निजीकरण का विरोध करते हैं। सरकार को इस फैसले को जल्द वापस लेना चाहिए, अन्यथा यह संघर्ष बड़े स्तर पर जारी रहेगा। मंडल अध्यक्ष अमित मिश्रा ने कहा कि एलआईसी के हिस्से को शेयर बाजार में बेचने की सरकार की घोषणा के खिलाफ 17 मार्च को सभी कर्मचारी एक घंटे की वॉक आउट स्ट्राइक पर रहेंगे। इस दौरान संगठन के सचिव इंदर गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव, शाख सचिव अफसार अहमद खान, शाखा अध्यक्ष सुशील कुशवाहा के अलावा स्वाति सैनी, करिश्मा गौतम, काव्या कुमार, राधाकृष्ण गुप्ता, प्रहलाद कुशवाहा, ओपी वर्मा, प्रेमानंद, रिजवान अहमद, शेखर श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार, आशीष गुप्ता आदि मौजूद रहे।