जालौन। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं विप्र समाज द्वारा घरों पर ही भगवान परशुराम जयंती सादगी से मनाई गई। कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए सामाजिक दूरी का पालन किया गया। विप्र समाज के सदस्यों ने विशेष पूजा-अर्चना कर कोरोना महामारी के खात्मे की प्रार्थना की।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला प्रभारी जेडी शुक्ला ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण भगवान परशुराम की शक्ति की क्षति नहीं होती थी। भगवान विष्णु के छठे अवतार और भृगु वंश के वंशज भगवान परशुराम असत्य के घोर विरोधी थे। कहा कि ब्राह्मण धर्म मानव धर्म का ही दर्शन है। विष्णु चतुर्वेदी ने कहा कि महर्षि वेदव्यास, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, मार्कंडेय ,भगवान परशुराम को अमर माना जाता है। इस दौरान मौजूद लोगों ने समाज के गौरव, चरित्र, संस्कार व विकसित समाज निर्माण का संकल्प लिया। इस दौरान गल्ला समिति के पूर्व अध्यक्ष रविकांत द्विवेदी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान रमेश बाबा, दीपू त्रिपाठी उरगांव, राजेंद्र, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, धर्मेंद्र, नरेंद्र द्विवेदी, चंद्रकिशोर,रामेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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बजरंगियों ने बांटे मास्क
कोंच। परशुराम जयंती के अवसर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के सभी मठों और मंदिरों में जाकर महंतों, पुजारियों और दिव्यांग असहाय लोगों को मास्क का वितरण किया। नगर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं जिला सुरक्षा प्रमुख गौरव सोनी, बजरंग दल नगर संयोजक आकाश उदैनिया, आयुष गौतम, सोनू यादव आदि ने काली जी मंदिर धनुताल, बड़ी माता मंदिर, गणेश मंदिर, गायत्री मंदिर, महर्षि वाल्मीकि मंदिर, गुदारिया हनुमान मंदिर, दोहर हनुमान मंदिर, पठेश्वर मंदिर पठा कैलिया रोड आदि में जाकर मास्क का वितरण किया। (संवाद)