उरई। ई डिस्ट्रिक मैनेजर (ईडीएम) पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को भेजी गई शिकायत के बाद डीएम प्रियंका निरंजन के निर्देश के बाद जांच तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार ईडीएम को लाभ पहुंचाने वाले कुछ अधिकारियों के नाम भी इस जांच में सामने आ सकते हैं। फिलहाल संविदा कर्मी ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पुष्पेंद्र सिंह के भ्रष्टाचार के 10 बिंदुओं वाली जांच के लिए डीएम ने एडीएम पूनम निगम और कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
दोनों अधिकारियों ने जांच भी शुरू कर दी है। आरोप है कि ईडीएम ने जिले के एक अधिकारी के साथ सांठगांठ की और रामधेश सिंह नाम के एक व्यक्ति की महिंद्रा मराजो लग्जरी कार एनएचआई में 45000 महीने पर लगवा दी थी। यह कार 2 साल 6 महीने 27 दिन पहले 27 नवंबर 2018 को रामधेश सिंह के नाम पर खरीदी गई थी। इस कार का किराया भुगतान 45000 प्रतिमाह पुष्पेंद्र सिंह के खाते में आता है। इसके अलावा नगर पालिका और खनन के मामले में भी ईडीएम पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जांच चल रही है। जल्द जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। (संवाद)