उरई। मेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजनों के साथ सुरक्षा में लगे गार्डों ने मारपीट की। शुक्रवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित ने सीएम को शिकायती पत्र भी भेजा है। इसमें उसका कहना है कि मारपीट के बाद उसे वहां से भगा दिया गया। इसके बाद उसने जिला अस्पताल में ऑपरेशन करवाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा निवासी राज राठौर ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहा है कि उनके पिता अशोक राठौर की पैर की हड्डी टूट जाने के बाद उन्हें 27 सितंबर को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर गए थे लेकिन वहां न तो समय पर इलाज मिला और न ही मरीज पर ध्यान दिया गया।
रात आठ बजे कर्मचारियों ने मरीज को भर्ती करने से इन्कार कर दिया। काफी जद्दोजहद और बहस के बाद मरीज को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन इसके बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों ने इलाज करने की बजाय आपस में ही विवाद करना शुरू कर दिया। बताया कि जब मरीज के बढ़ते दर्द की शिकायत की और इलाज की मांग की तो रात करीब एक बजे मेडिकल कॉलेज स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट तक कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो साक्ष्य पीड़ित परिवार के पास मौजूद है।
आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के बावजूद मरीज को दो दिन तक कोई उपचार नहीं मिला। इससे अशोक राठौर की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब परिवार ने हार मान ली तो 30 सितंबर को मरीज को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया।
मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग
ग्राम बोहदपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में कार्यरत लापरवाह डॉक्टरों, कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्डों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगर शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज