कदौरा। इकौना गांव में जरूरतमंद ग्रामीणों को शौचालय तो नहीं मिला। लेकिन उनके नाम पर आवंटित होकर पैसा जरूर निकल गया। पात्र ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
विकास खंड कदौरा के ग्राम इकौना में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में 140 लोगों को व्यक्तिगत शौचालय का लाभ देने के लिए सूची स्वीकृत हुई थी। प्रधान व सचिव ने लाभार्थियों के पैसों को एक फर्म के नाम डाल कर उसका बंदरबांट कर लिया। अप्रैल 2022 में सर्वे के दौरान जब ग्रामीणों ने शौचालय देने के लिए आवेदन किया तो मामला खुल गया। सर्वे टीम ने बताया कि उन लोगों को शौचालय मिल चुका है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बीडीओ से की थी। बीडीओ ने जांच के आदेश एडीओ पंचायत रामकुमार को दिए लेकिन एक माह बाद भी कोई सुनवाई न होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था।
सूची 140 की, आधे भी नहीं
कुंअरलाल के नाम पर स्वीकृत शौचालय की धनराशि हड़प ली है। गांव के रामशरण व महेश ने बताया कि उनको शौचालय के रुपये नही मिले हैं। 140 व्यक्तिगत शौचालयों में शायद ही गांव में 40 शौचालय बने हो। प्रधान प्रतिनिधि बृजनंदन तिवारी कहते हैं कि वित्तीय वर्ष 2020-21 का मामला है। उन्होंने भी इसके रिकार्ड मांगे थे। लेकिन उनको उपलब्ध नही कराए गए हैं।