मुहम्मदाबाद (जालौन)। अन्ना मवेशियों से परेशान किसान अब फसल बचाने के लिए खेतों में आशियाना बनाने लगे हैं। मेहनत से तैयार हुई किसानों की फसल अन्ना मवेशी लगातार उजाड़ रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को रात-रात भर जागना पड़ रहा है। किसान साल भर के लिए खाने-पीने के लिए कर्ज लेकर इस समय हरी मटर, गेहूं, चना, मसूर, लाही आदि फसलें तैयार करने में जी जान से जुटे हुए हैं।
अन्ना मवेशी कहीं उन्हें बर्बाद न कर दें, इसके लिए वह सर्दी के मौसम में जहरीले कीटों की परवाह न करते हुए रात-रात भर जागकर रखवाली कर रहे हैं। उन्होंने कई बार गोवंश को पकड़वाने की मांग की। डकोर ब्लाक में 62 गोशालाएं है। इनके निर्माण में करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। इसके बावजूद पांच हजार से ज्यादा मवेशी सड़कों और खेतों में विचरण कर रहे हैं।
डकोर क्षेत्र के ग्राम बढ़ेरा, अजनारी, मुहम्मदाबाद, चिल्ली, मुहाना, टिमरों, जैसारी, कुसमिलिया, मकरेछा, डकोर, ऐर, खरका, ददरी, टीकर आदि गांवों में अस्थायी गोशालाएं बनाई गईं हैं, जिसमें अभी तक पूरी तरह से गोवंश बंद नहीं किए जा रहे हैं। इससे किसान के खेत में खड़ी फसलें अन्ना मवेशी उजाड़ रहे हैं। अन्ना गोवंशों को पकड़ने के लिए क्षेत्र प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की और न ही इनको पकड़वाया जा रहा है। बीडीओ गौरव कुमार ने कहा कि गोशालाओं को लेकर सचिवों से रिपोर्ट मांगी गई है। जहां समस्या है, उसे दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। सचिवों को गोशालाओं में मवेशियों को सर्दी से बचाव के इंतजाम करने को कहा गया है।
इंसेट---
फोटो संख्या 8: खेत में बनी झोपड़ी में खाना बनाते की तैयारी करते किसान श्याम किशोर।
बढ़ेरा गांव के श्यामकिशोर ने कहा कि एक माह से घर नहीं गए हैं। चौबीस घंटे खेतों पर ही रहना पड़ता है। यही पर झोपड़ी बना ली है, मगर एक घंटे के लिए भी कही चले जाओ तो हमेशा डर लगा रहता कि कही अन्ना मवेशी फसलों को चौपट न कर जाए।
-
इंसेट---
फोटो परिचय-10-दिवाकर।
मुहम्मदाबाद के दिवाकर ने कहा कि प्रशासन चाहे तो सब कुछ संभव हो सकता है, मगर प्रशासन के अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण अन्ना प्रथा पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसी वजह से किसान सर्दी के मौसम में भी रात भर जागने पर मजबूर है।
फोटो परिचय-11-लला राजपूत।
कुसमिलिया के लला राजपूत ने कहा कि रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। हमेशा भय बना रहता है कि कही कोई विषैला कीड़ा आकर न काट ले। कोसों दूर जाकर मवेशियों को भगाना पड़ता है। साथ ही आपसी किसानों से विवाद का भी डर रहता है।