उरई। जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण में उरई स्टेशन के यार्ड का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। तीन किलोमीटर लंबे इस अत्याधुनिक यार्ड की लागत करीब 35 करोड़ रुपये आएगी। कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने यार्ड का नक्शा (ड्राइंग) तैयार कर लिया है। अधिकारियों की मानें तो दिसंबर 2020 तक यार्ड का काम पूरा होना है।
झांसी से भीमसेन तक 206 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन में उरई सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन है। दोहरीकरण में स्टेशन की तुफैलपुरवा साइड की सभी बिल्डिंगों को तोड़ दिया गया है। अब स्टेशन पर विस्तार भी उसी तरफ हो रहा है। स्टेशन पर बाहरी लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से रोकने के लिए तीन किलोमीटर तक कवर्ड किया जाएगा। चहारदीवारी बनाई जाएगी और कहीं टाईवार भी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मालगाड़ी का पूरा रैक एक साथ प्लेटफार्म पर आ जाए, इसके लिए प्लेटफार्म और शेड की लंबाई भी बढ़ाने की योजना है। अब मालगाड़ी का यार्ड 750 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा होगा।
आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रियांक गुप्ता ने बताया कि अभी जो एक नंबर प्लेटफार्म की मेनलाइन है, उसे लूप लाइन में तब्दील कर दिया जाएगा। जबकि अप लाइन की ट्रेनों के लिए दो नंबर लाइन मेनलाइन हो जाएगी। जबकि डाउन की तरफ से आने वाली ट्रेनों के लिए तीन नंबर लाइन मेनलाइन हो जाएगी। दूसरी ट्रेनों को निकालने के लिए चार नंबर लाइन रहेगी। इसके अलावा गुड ट्रेनों के खड़े होने के लिए पांच नंबर लाइन भी बनेगी। उन्होंने बताया कि भले ही प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ जाएगी पर यात्रियों के बैठने के लिए शेड यथावत रहेंगे। उनकी लंबाई नहीं बढ़ाई जाएगी।
राठ रोड ओवरब्रिज से शुरू होगा मालगाड़ी यार्ड
राठ रोड ओवरब्रिज से मालगाड़ी का यार्ड शुरू हो जाएगा। ओवरब्रिज से बीस मीटर आगे से यार्ड शुरू होगा। जो करमेर रोड रेलवे क्रासिंग के 25 मीटर पहले तक जाएगा, जो दो किलोमीटर हो जाएगी।
यह रहेगी प्लेटफार्म की लंबाई व चौड़ाई
प्लेटफार्म नंबर 1 की लंबाई 650 मीटर, चौड़ाई 10 मीटर
प्लेटफार्म नंबर 2 व 3 की लंबाई 600 मीटर, चौड़ाई 10.5 मीटर
प्लेटफार्म नंबर 4 (गुड शेड्स) लंबाई 750 मीटर, चौड़ाई 20 मीटर
तीन किलोमीटर का यार्ड बनेगा
अब उरई स्टेशन का यार्ड तीन किलोमीटर लंबा हो जाएगा। जो अजनारी रोड स्थित रेलवे क्रासिंग नंबर 181 से लेकर करमेर रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 183 तक रहेगा। अभी यार्ड डेढ़ किलोमीटर का है। साथ ही प्लेटफार्म की चौड़ाई भी कम है।
फुट ओवरब्रिज का निकास सीधे सड़क पर होगा
फुट ओवरब्रिज का विस्तार भी किया जाएगा। ब्रिज की लंबाई 80 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर होगी। हर प्लेटफार्म पर उतरने के लिए एक तरफ सीधे और दूसरे दूसरे तरफ रैंप की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्टेशन से बाहर निकलने के लिए रेलवे के सरकुलेटिंग एरिया में नहीं उतरना होगा। अब सीधा निकास मैन सड़क से होगा।
एस्केलेटर भी चलेगा, लिफ्ट भी लगेगी
यात्रियों की सहूलियत के लिए स्टेशन पर न सिर्फ लिफ्ट लगेगी, बल्कि एस्केलेटर भी लगाया जाएगा। इससे बुजुर्ग, महिला और दिव्यांग यात्रियों को चढ़ने उतरने में भी सहूलियत रहेगी। यात्रियों को सामान लाने ले जाने में भी परेशानी नहीं होगी। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक आसानी से आ जा सकेंगे।
दिसंबर तक भुआ व सरसौखी को उरई से जोड़ा जाएगा
डीआरएम संदीप माथुर का कहना है कि उरई यार्ड बनाने का काम शुरू हो गया है। यार्ड को बनाने का लक्ष्य दिसंबर 2020 तक रखा गया है। कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि तय समय में काम पूरा करें। उन्होंने बताया कि भुआ से उरई और उरई से सरसौखी को दिसंबर तक यार्ड से जोड़ दिया जाएगा।
आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रियांक गुप्ता।- फोटो : ORAI
-उरई स्टेशन यार्ड का निरीक्षण करते कार्यदाई संस्था के इंजीनियर।- फोटो : ORAI