उरई। गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े 22 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को जेल में बिताई अवधि पर 5050 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोंच कोतवाली में वर्ष 2004 में कोंच के मोहल्ला आराजीलेन निवासी जाकिर के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी पर आरोप था कि वह 17 गोवंशों को वध के उद्देश्य से बूचड़खाने ले जा रहा था तथा उनके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार कर रहा था।
मामले में वादी की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना पूरी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) न्यायालय कोंच ने जाकिर को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाने के साथ 5050 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर नियमानुसार अतिरिक्त दंड भुगतना होगा।