कालपी। योगीराज 2.0 में शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मूल रूप से भले ही मिर्जापुर के निवासी हों, पर उनका उरई से नाता पुराना है। छात्र राजनीति से जिले में सक्रिय होने के साथ ही एक बार कालपी सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। ऐसे में इन्हें मंत्री मंडल में जगह मिलने जानकारी होते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई।
मूलरूप से जिला मिर्जापुर के निवासी व जिला जालौन को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले स्वतंत्र देव सिंह के बड़े भाई श्रीपत सिंह कालपी में पुलिस विभाग में तैनात रहे हैं। वह बड़े भाई के साथ ही यहां छात्र जीवन में आ गए थे। उन्होंने उरई के डीवी डिग्री कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही छात्र राजनीति में कदम रखा। यहां से ही वह भाजपा संगठन की ओर बढ़ गए। उन्होंने उरई के राम नगर मोहल्ले में स्थाई आवास भी बनाया हुआ है। परिवार समेत उरई से मतदाता भी हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने यहां आकर ही वोट भी दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी 1 सरकार में स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया था। तब उन्हें परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। पर ढाई वर्ष के बाद उनकी सरकार से संगठन में भेज दिया गया था व भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
बहुत कम लोग जानते होंगे कि योगी 2.0 सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए स्वतंत्र देव सिंह के बचपन का नाम कांग्रेस सिंह था। बताते हैं कि मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम उमाभारती ने उन्हें नया नाम स्वतंत्र देव दिया था। तब से राजनीति में उनका नाम स्वतंत्र देव सिंह ही हो गया।