उरई/जालौन। भारतीय नववर्ष व चैत्र मास की नवरात्र का पहला दिन कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लोगों ने अपने घरों में मनाया। नगर में स्थित देवी मंदिर प्रधानमंत्री की अपील के चलते बंद रहे। लोगों ने अपने घरों में ही देवी के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की विधिविधान से पूजा अर्चना की।
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते नवरात्र के पहले दिन ही एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला के निर्देश पर नगर पालिका द्वारा मुनादी कर दी गई थी कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। लोग मंदिरों में न जाकर अपने घरों में ही पूजा अर्चना करें। नवरात्र के पहले दिन नगर के सभी देवी मंदिर सुबह से ही बंद रहे। इसके चलते देवी भक्तों ने नवरात्र के पावन पर्व के पहले दिन घरों में ही देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की।
पंडित अरविंद बाजपेई ने बताया कि राजा हिमांचल की पुत्री पार्वती का नाम शैलपुत्री रखा गया। इनकी पूजा अर्चना करने पर सभी की मनोकामना पूर्ण होती है क्योंकि इनकी तपस्या करने के बाद इन्हें भी मनोवांछित फल प्राप्त हुआ था। पार्वती पूर्व जन्म में सती थी। इस दौरान देवी भक्तों द्वारा नौ दिन का उपवास भी शुरू किया गया। भक्तों ने मनोकामना पूर्ण होने के लिए अपने घरों में ही घट स्थापना कर जवारे भी बोए।