एट में बाइक सवार को हिदायत देते पुलिसकर्मी।
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उरई/जालौन। लॉकडाउन में का शहर पूरे जिले में दिखाई दिया। नगरीय इलाकों में सड़कें सूनी दिखी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह जगह पुलिस गश्त करती नजर आई। डीएम व एसपी ने भी चौराहों पर खड़े होकर वाहन चालकों से पूछताछ की। बैंकों में भी इक्का दुक्का लोग ही दिखे।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 21 दिनों तक पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। लॉक डाउन को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस सक्रिय दिखाई दी। सुबह इक्का दुक्का दुकानें खुली लेकिन दोपहर दो बजे के बाद सभी तरह की दुकानें बंद कर दी गई। फलों का ठिलिया लगाए दुकानदारों से भी कहा गया कि वे घर चले जाए। चाय, पान की दुकानें न खोलने से लोगों को परेशानी हुई। लॉकडाउन के पहले दिन सब्जी मंडी में इक्का दुक्का छोड़कर अधिकांश दुकानें बंद रहीं। दवा की दुकानें खुली रही। प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा रहा। स्टेशन और बस अड्डे भी लोग नहीं दिखाई दिए।
जालौन प्रतिनिधि के मुताबिक, कोतवाल सुनील कुमार शुक्ला, चौकी प्रभारी संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर क्राइम अनिल कुमार सहित पुलिस फोर्स नगर की सड़कों पर गश्त करती दिखाई दी। पुलिस ने सड़क पर दिखने वाले लोगों से पूछताछ की और उन्हें वापस घर भेजा। उन्होंने लोगों से लॉक डाउन में घरों में ही रहने की अपील की। दोपहर 2 बजे के बाद खुली सब्जी व किराना की दुकानों को पुलिस ने बाजार में भ्रमण कर बंद कराया। कोतवाल सुनील सिंह ने बताया कि शासन से जो निर्देश मिले हैं, उनका पालन किया जाएगा। लॉकडाउन को प्रभावी तरीके से अमल में लाया जाएगा। यह लोगों की भलाई के लिए ही है इसलिए अपने घरों में रहें और सुरक्षित रहें।
लॉकडाउन से हालांकि बैंकों को मुक्त रखा गया है। लेकिन लॉक डाउन का असर बैंकों में भी दिखा। सामान्य दिनों में जहां बैंकों में लोगों की लंबी लाइनें नजर आती थीं। लॉक डाउन के चलते लोग अपने घरों से निकलने से बच रहे हैं। जिसका असर बैंकों पर भी दिख रहा है। बुधवार को नगर में स्थित सभी बैंकों में इक्का दुक्का लोग ही नजर आए। आर्यावर्त बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव पटेल ने बताया कि लॉक डाउन के चलते लोग बैंक नहीं आ रहे हैं।