उरई। उरई रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक वाटर बूथ बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह चयनित कर ली गई है। वाटर बूथ बनाने के वक्त ट्रेन के कोच की पोजीशन का ध्यान रखा जाएगा। ऐसी जगह पर वाटर बूथ बनाए जाएंगे। जिससे दो कोचों के बीच में एक वाटर बूथ आए। तब यात्रियों को पानी के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
अमृत भारत योजना के तहत उरई स्टेशन के कायाकल्प के लिए तमाम काम किए जा रहे है। इसके तहत फुट ओवरब्रिज के साथ लिफ्ट जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। वीआईपी रूम, नया आरक्षण कार्यालय जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसी क्रम में अब नए वाटर बूथ बनाने की तैयारी है। यह वाटर बूथ रानी कमलापति हबीबगंज जैसे स्टेशनों की तर्ज पर बनाए जाएंगे।
इन वाटर बूथों में टाइल्स की जगह काले रंग के कोटा स्टोन का प्रयोग होगा। जो जल्दी से गंदी नहीं दिखाई देगी। टोंटी इस तरह की लगाई जाएगी कि यात्रियों को ज्यादा दबाने की मशक्कत न करनी पड़े। प्लेटफार्म से ऐसी ऊंचाई की जाएगी कि उन्हें पानी भरने में कोई दिक्कत न हो।
इसे लेकर स्टेशन अधीक्षक एसके खरे, सीनियर सेक्शन इंजीनियर विवेक दुबे और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एसके सोनकर की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने उरई स्टेशन पर प्लेटफार्म एक का निरीक्षण कर वाटर बूथ स्थापित करने के लिए जगह चयनित की। टीम ने बताया कि अब स्टेशन पर आधुनिक वाटर बूथ बनाने की योजना है। इसके लिए जगह चिह्नित की जा रही है। प्रस्ताव बनाकर मंडल मुख्यालय भेजा जाएगा। अनुमति मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
वाटर बूथ बनाने में खर्च होंगे करीब 12 लाख
उरई रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक 12 वाटर बूथ बनाए जाएंगे। इनमें एक बूथ में करीब एक लाख रुपये की लागत आएगी। वाटर बूथों के साथ दिव्यांगों के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। ताकि, वाटरबूथ में दिव्यांगों को पानी के लिए परेशानी न हो। इसके लिए झांसी की राधिका कंस्ट्रक्शन को जिम्मेदारी दी जाएगी। टीम ने बताया कि ट्रेन अधिकतम 24 कोच की होती है। ऐसे में हर दो कोच के बीच में एक वाटरबूथ बनाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को पानी सुगमता से मिल सके।