उरई। अमौसी में चल रहे ट्रैक मरम्मत के नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) के काम के चलते सोमवार को ट्रेनों की चाल बिगड़ी रही। हालत यह रही कि उरई स्टेशन पर नॉन स्टॉप ट्रेनों को भी रोक दिया गया। कई ट्रेनें उरई में देर तक रोककर आगे बढ़ाई गईं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुणे से गोरखपुर जाने वाली नॉन स्टाप त्योहार स्पेशल (01415) को उरई स्टेशन पर 35 मिनट रोका गया। मुंबई से प्रतापगढ़ जाने वाली उद्योगनगरी एक्सप्रेस को रोककर चलाया गया। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (11109) चार घंटे देर से आई। इसके बाद भी इंटरसिटी को झांसी से लखनऊ तक कई स्टेशनों पर रोककर चलाया गया।
आजमगढ़ से मुंबई जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस (20104) डेढ़ घंटा, गोरखपुर से पनवेल एक्सप्रेस (15065) को ढाई घंटे रोका गया। बढ़नी से बांद्रा जाने वाली त्योहार स्पेशल (09044) साढ़े तीन घंटा, बरौनी से ग्वालियर जाने वाली छपरा मेल (11124) छह घंटा और गोरखपुर से यशवंतपुर जाने वाली यशवंतपुर एक्सप्रेस (22533) चार घंटा देरी से आई।
कामाख्या से इंदौर जाने वाली कामाख्या एक्सप्रेस (19306) तीन घंटा देरी से आई। वहीं मुंबई से गोरखपुर जाने वाली त्योहार स्पेशल (01079) पांच घंटे देरी से चल रही है। गोरखपुर से मुंबई जाने वाली त्योहार स्पेशल (01080) साढ़े तीन घंटा देरी से आ रही है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि अमौसी स्टेशन पर चल रहे ट्रैक मरम्मत का काम पूरा हो गया है। सोमवार को मरम्मत कार्य का आखिरी दिन था। मंगलवार से ट्रैक के बहाल होने की संभावना है।
इनसेट
पांच घंटे देर से आई इंटरसिटी, यात्री उकताए
लखनऊ से झांसी जाने वाली इंटरसिटी की चाल भी बिगड़ रही। सोमवार को यह ट्रेन पांच घंटे देरी से आई। रात आठ बजे आने वाली यह ट्रेन देर रात एक बजे उरई पहुंची। इससे इस ट्रेन में सवार यात्रियों ने नाराजगी जताई। पटेलनगर निवासी विपिन का कहना है कि उनका एसी चेयरकार में रिजर्वेशन था। ट्रेन में बैठे-बैठे उकता गए। रेलवे को ट्रेनों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाना चाहिए।
निर्धारित स्थान पर खड़ी नहीं हुई ट्रेन, दौड़े यात्री
झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस पहले से चार घंटे देर से आई। इस ट्रेन के कोच इंडीकेट हो रहे थे। इसके चलते यात्री भी निर्धारित कोच के सामने खड़े हो गए लेकिन चालक ने ट्रेन को आगे बढ़ा दिया। इसके चलते यात्री ट्रेन में चढ़ने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। इसमें कई दिव्यांग भी थे। हालांकि बाद में यह ट्रेन 15 मिनट अतिरिक्त खड़ी रही।