जालौन। शनिवार को दहगुवां गांव में मजदूर के झोपड़े में लगी आग में जलकर भाई की मौत व बहन झुलस गई थी। झुलसी बहन का इलाज ग्वालियर के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। परिजन बेटी के पास पहुंच गए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दहगुआ में लोकेंद्र सिंह के पास रहकर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जनपद के थाना आरोन निवासी परमाल मजदूरी करते हैं। उनके घर के बाहर ही झोपड़ी में पत्नी नीतू उर्फ गुड्डी व बच्चे निशा (9), दीपक (8), अवधेश (4) एवं भूपेंद्र (5 माह) के साथ रहते थे। शनिवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे बच्चे झोपड़ी में खेल रहे थे। तभी अचानक से झोपड़ी में आग लग गई थी। तब नीतू बेटे दीपक व बेटी निशा को बाहर आने के लिए कहकर अन्य बच्चों को लेकर बाहर निकल आई थी।
बताते हैं कि तभी जलती झोपड़ी निशा और दीपक के ऊपर गिरी थी, जिससे दोनों बाहर नहीं निकल सके थे। लोगों ने किसी तरह गंभीर हालत में झुलसी निशा को बचा लिया था। लेकिन तब तक दीपक की झुलसकर मौत हो गई थी। गंभीर हालत में निशा को सीएचसी से जिला अस्पताल उरई और फिर झांसी रेफर किया गया। झांसी में भी निशा की हालत सही नहीं हुई तो उसे मेडिकल कॉलेज झांसी से ग्वालियर स्थित एक प्राइवेट चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। बेटी के इलाज के लिए पिता परमाल व परिवार के सदस्यों के अलावा लोकेंद्र सिंह भी पहुंच गए हैं। परिजनों के अनुसार इलाज से निशा की हालत में कुछ सुधार नजर आ रहा है।