उरई। खट्टी मीठी यादों के साथ साल 2019 अपने पीछे छोड़ गया, कुछ ऐसे दिन जब किसी ने जीवन की सबसे बड़ी गलती की या फिर किसी ने ऐसा कोई नेक काम किया, जिससे किसी दूसरे का जीवन खुशियों से भर गया। किसी को साल 2019 में सफलता मिली तो किसी के हाथ हताशा आई। अब साल 2020 का सवेरा हुआ तो एक बार फिर से सभी के मन में एक नई उमंग और उत्साह है, खासतौर पर युवा जिनके मजबूत इरादे कभी भी कुछ भी कर गुजरने से पीछे नहीं हटते हैं। कुछ ऐसे ही लोगों ने आने वाले साल से क्या उम्मीदें लगा रखी हैं और वे साल 2020 को किस तरह बिताएंगे, क्या संकल्प लेंगे, प्रस्तुत पर इन्हीं चर्चाओं पर आधारित एक रिपोर्ट-
समाजसेवी अमित इतिहास कहना है कि उनका प्रयास रहेगा कि जहां कभी भी भ्रष्टाचार होते देखेंगे तो उनका न सिर्फ विरोध करेंगे, बल्कि उसे खत्म कराने का भी प्रयास करेंगे, ताकि लोगों को शोषण का शिकार होने से बचाया जा सके। रामपुरा के युवा विपिन चौबे का कहना है कि आने वाले साल में वे तो नियम कानून मानेंगे और प्रयास करेंगे कि दूसरों से भी मनवाएं, बिना हेलमेट बाइक और बिना सीट बेल्ट के चौपहिया वाहन न चलाएंगे और न किसी अपने सामने चलाने देंगे।
डकोर क्षेत्र निवासी छात्रा फजली का कहना है कि वे नए साल में संकल्प लेंगी कि किसी भी जरूरतमंद की मदद से पीछे नहीं हटेंगी। जहां पर भी जिस किसी के लिए जो हो सकेगा वह करने से पीछे नहीं हटेंगी। पंचायत सशक्तीकरण की समन्वयक आराधना का कहना है कि वे चाहेंगी आने वाले नए साल में वे किसी को निराश न करें, अपने कार्यों व सेवा भाव से सभी का दिल जीत लें, दूसरों को खुशी देने से बड़ी कोई खुशी नहीं है। शिक्षिका ज्योति सोनी का कहना है कि उनका पूरा प्रयास होगा कि साल 2020 में वे अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित कर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का उजाला फैला सकें, जिससे आगे चलकर बच्चे जनपद का नाम रोशन कर सकें।
आराधना- फोटो : ORAI
फजली रहमानी- फोटो : ORAI
अमित द्विवेदी- फोटो : ORAI
विपिन चौबे- फोटो : ORAI