कोंच। रामलीला समिति की आम बैठक में फैसला लिया गया कि 11 अक्तूबर सेे होनेे वाली कोंच की 168 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक और अनुष्ठानी रामलीला का मंचन ऑनलाइन होगा। कोविड की वजह से अधिकांश लीलाओं के केवल पाठ किए जाएंगे।
समिति की आम बैठक रामलीला भवन पर धर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष गंगाचरण वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कलाकारों और रामलीला से जुड़े लोगों से विमर्श के बाद तय किया गया कि शासन ने एक सैकड़ा दर्शकों के साथ रामलीला मंचन की अनुमति दी है। इससे ज्यादा भीड़ जुटती है तो उसे रोक पाना संभव नहीं होगा। ऑनलाइन मंचन किया जाएगा।
बैठक में रामलीला की उपसमितियों का गठन किया गया। अभिनय विभाग वरिष्ठ रंगकर्मी रामलीला विशेषज्ञ पं. रमेश तिवारी को दिया गया। रामलीला समिति के मंत्री संजय सोनी ने बताया कि राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता का चयन कर लिया गया है। इस दौरान धर्मादा मंत्री मिथलेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष नवनीत गुप्ता, रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रतीक मिश्रा, मंत्री संजय सोनी, मोहनदास नगाइच, रमेश तिवारी, चंद्रशेखर नगाइच, पुरुषोत्तमदास रिछारिया, केशव बबेले, अतुल चतुर्वेदी, संजय सिंघाल, राजेंद्र द्विवेदी, जय मुखिया, संतोष तिवारी, रामसहाय सेठ, रामकुमार अग्रवाल, हरिश्चंद्र तिवारी, संतोष त्रिपाठी, अभिषेक रिछारिया, डॉ. मृदुल दांतरे, दीपक सोनी, बसंत अग्रवाल, अमित नगाइच, राजेंद्र भारद्वाज, केके स्वर्णकार, सतीश पाटकार, विजय गुप्ता, अखिलेश बबेले, श्यामू लोहिया, सूरज शर्मा, संतोष शुक्ला, रामू तिवारी, रूपेश स्वर्णकार, पवन यादव, सचिन तिवारी आदि रहे।