फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौरंग खदान पर प्रशासन टीम का छापा, दो पोकलैंड मशीने सीज

विज्ञापन
सीज की गई पोकलैंड मशीन - फोटो : ORAI
विज्ञापन
क्षेत्र में संचालित मौरंग खदान संचालकों को न तो सीबीआई का खौफ है और न ही एनजीटी की गाइड लाइन का। खदान संचालक बेखौफ नियमों को ताक पर रख कर खनन कर रहे है।
विज्ञापन

इसकी बानगी उस वक्त देखने को मिली जब अवैध खनन की सूचना पर उपजिलाधिकारी ने क्षेत्र के क्योटरा खदान नंबर तीन पर छापा मारकर दो पोकलैंड मशीनों को सीज कर दिया। उपजिलाधिकारी की कार्रवाई से खदान संचालकों में हड़कंप है।
मंगलवार की रात करीब नौ बजे उपजिलाधिकारी कालपी कौशल कुमार को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के क्योटरा गांव खदान नंबर तीन में बड़े पैमाने पर पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से खनन हो रहा है।
विज्ञापन

इस पर उपजिलाधिकारी की अगुवाई में खान अधिकारी निर्मल कुमार सीओ राहुल पांडेय व थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने खदान में छापा मारा। उपजिलाधिकारी ने खनन करते हुए दो पोकलैंड मशीनों को पकड़ लिया और सीज कर दिया।
खदान में अधिकारियों व पुलिस को देख खदान कर्मी यहां से वहां भागते नजर आए। उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि खनन की शिकायत मिली थी, जिस पर छापा मार कर दो पोकलैंड मशीनों को सीज किया गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर दोबारा मशीनों से खनन किया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
बताया जाता है कि बड़ागांव पथरेहटा की खदान बंद है, लेकिन मौरंग माफिया पुलिस व प्रशासन की सह पर ट्रैक्टरों द्वारा खनन करने में लगे हुए है। इसमें एक गांव का जनप्रतिनिधि भी शामिल है, जो थाना पुलिस के संरक्षण में रह कर खनन करने में सहयोग करता है।
बड़ागांव पथरेहटा व सोना मोती खदान के ऊपर व गांव के बाहर मौरंग के डंप लगे है, जिनको ट्रैक्टरों से लाकर ट्रकों में लोड किया जाता है। इस काम के लिए पुलिस कर्मी मोटी रकम लेते है। डंप को लेकर कई बार खनन माफियाओं व ग्रामीणों में मारपीट भी हुई, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों को ही धमकी देकर चुप करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें