जालौन-झांसी सीमा पर डीएम-एसपी व विधायक आपस में बातचीत करते
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एट (जालौन)। महाराष्ट्र, गुजरात व राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों से श्रमिक बाइक व अन्य वाहनों से अपने घर जा रहे हैं। ऐसे ही सैकड़ों प्रवासी श्रमिकों को मंगलवार को एट पुलिस ने जालौन-झांसी सीमा पर रोक लिया। तेज धूप में भूख और प्यास से परेशान मजदूर आक्रोशित हो गए और पिरोना चौकी को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर डीएम , एसपी, और सदर व माधोगढ़ विधायक मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। फिर सभी के लिए खाने पीने की व्यवस्था कर उन्हें जाने दिया गया।
जालौन-झासी सीमा पर मजदूरों की आना जारी है। मंगलवार को सुबह से दोपहर तक सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर सीमा पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने किसी को भी सीमा में नही घुसने दिया। भूख, प्यास और तेज धूप से परेशान प्रवासी श्रमिक आक्रोशित हो गए। वह लोग नारेबाजी करते हुए पिरौना चौकी पर पहुंचे। वहां भीड़ देखकर पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। इसकी जानकारी पाकर डीएम डॉ. मन्नान अख्तर, एसपी डॉ. सतीश कुमार, सदर विधायक गौरीशंकर एवं माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन के साथ पहुंचे और मजदूरों को शांत कराया। वहीं, मजदूरों का आरोप है कि प्रशासन ने हमें तेज धूप में बीच हाईवे पर रोक लिया, लेकिन सुबह से दोपहर तक पानी की भी व्यवस्था नहीं की। न ही खाने का इंतजाम किया।
कहीं फिर न हो जाए हाईवे पर बवाल
जालौन-झांसी सीमा पर पुलिस के रोके जाने पर भारी संख्या में मजदूर इकट्ठा हो रहे हैं। यह मजदूर कहीं पुलिस व प्रशासन के लिए मुसीबत न बन जाए। दो दिन पहले ही सुबह आठ बजे से रोके गए प्रवासी मजदूरों ने दोपहर होते होते अपना आपा खो दिया था। श्रमिकों ने हाईवे पर तैनात पुलिसकर्मियों के ऊपर पथराव कर दिया था। इसमें एक थानाध्यक्ष व तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उसी दिन शाम को पुलिस सभी मजदूरों को घर जाने की अनुमति दे दी थी।