कालपी। रजा कमेटी ने उर्स के अवसर पर रविवार को दो जोड़ों का सामूहिक निकाह कराकर मिसाल पेश की है। कमेटी का दावा है कि वह पिछले कई वर्षों से ऐसे निकाह कार्यक्रमों का आयोजन करती आ रही है। टरननगंज स्थित हजरत अब्दुर्रहमान रहमतुल्लाह अलैहे की दरगाह (खरबूजे वाले गुंबद) परिसर में सालाना उर्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रजा कमेटी के तत्वावधान में किया गया। उर्स के अवसर पर दरगाह फफूंद शरीफ से पधारे मौलाना सैयद मुनाजिर चिश्ती गजाली मियां ने तकरीर की। इसमें उन्होंने इस्लामिक शिक्षाओं की खूबियां भी बताईं। उन्होंने ईमानदारी, नेकी और सच्चाई की राह पर चलने की सीख दी।
उन्नाव से आए मौलाना नईम मिस्बाही ने सामूहिक निकाह जैसी पहल के लिए कमेटी के सदस्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शादियों में फिजूलखर्ची रोकना वक्त की जरूरत है। कार्यक्रम में कारी मुस्तकीम फरहत (लालपुर), मौलाना आसिफ रजा सैफी (प्रतापगढ़) तथा मौलाना अबुल रहूफ ने भी धार्मिक विचार रखे।
उर्स के मौके पर दरगाह परिसर में सामूहिक फातिहा और लंगर का आयोजन किया गया। विशेष आकर्षण के रूप में, मौलाना नईम मिस्बाही द्वारा दो जोड़ों मोहम्मद इरफान और निकहत परवीन व शाहरुख शाह और मुस्कान खातून का निकाह पढ़ाया गया।