उरई। यातायात नियमों का पाठ लोगों को ठीक से नहीं पढ़ा पाने में पुलिस और प्रशासन तो विफल लगता ही है, साथ ही कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें अपनी जिंदगी की कोई परवाह नहीं है।
ऐसे लोग बार-बार चालान के बावजूद आपनी आदत को सुधारना नहीं चाहते हैं। जिले में इस वर्ष 11 महीनों में चार और दो पहिया वाहनों में करीब 40 हजार चालान किए गए। इसमें 12 हजार ऐसे वाहन हैं, जिनको चलाने वाले कई बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। परिवहन विभाग अब ऐसे ही आदतन यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद और वाहन जब्त करने की कार्रवाई करने जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद शासन ने अन्य जिलों की भांति जालौन परिवहन विभाग को भी ऐसे आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार दो से अधिक ऐसे वाहन चालक जो एक ही प्रकार के नियमों को दो बार से ज्यादा तोड़ता पाया जाता है, आदतन की श्रेणी में उसे ले लिया जाता है। एक बार चालान होने के बाद दोबारा उसी गलती में चालान होता है तो ऑटोमेटिक उसकी चालान की राशि बढ़ जाती है। यदि वह चालान जमा नहीं करता है तो फिर सीज की कार्रवाई को अमल लाया जाता है।
जिले में जनवरी से नवंबर तक 38,004 दोपहिया वाहनों के चालान हुए, जिनके चालक हेलमेट नहीं पहने थे। इसके अलावा 1,336 चार पहिया वाहनों के चालान हुए, जो सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। इनमें करीब 30 फीसदी से ज्यादा ऐसे वाहनों के चालान हुए, जो आदत से मजबूर हैं।
हर महीने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान कार्रवाई होती है। दूसरी बार उसी लापरवाही के साथ चालान होता है तो उसे ऑटोमेटिक निर्धारित बढ़े, आर्थिक दंड देना होता है। नहीं देने पर उसका वाहन सीज कर दिया जाता है। -संजय कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर
शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं। उसी के तहत पहले लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। जिससे लोग सुधार लाएं। फिर भी नहीं मानते हैं तो आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई और वाहन जब्त किया जाएगा। -राजेश कुमार, एआरटीओ, प्रवर्तन