उरई। किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने तीन वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। अदालत का यह फैसला घटना के करीब सात वर्ष बाद आया है।
डकोर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 21 अगस्त 2019 को कोतवाली पुलिस में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री सुबह करीब 8:30 बजे खेत में गई थी। आरोप है कि उसी दौरान सत्येंद्र सिंह यादव उर्फ बीपी पहले से वहां घात लगाए बैठा था। उसने किशोरी को बुरी नीयत से पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की।
पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों को अपनी ओर आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी सत्येंद्र सिंह यादव उर्फ बीपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 30 नवंबर 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य प्रमाणों का परीक्षण किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश राजीव सिंह ने फैसला सुनाते हुए सत्येंद्र सिंह यादव उर्फ बीपी को छेड़छाड़ के अपराध में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसे दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।