आटा(उरई)। थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरांया में दिव्यांग ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक घर में परचून की दुकान किए था। इससे परिवार का भरण पोषण होता था।
आटा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरांया निवासी दिव्यांग परशुराम अहिरवार (55) पुत्र स्वर्गीय बहादुर अहिरवार ने सोमवार देर रात घर के कमरे में लकड़ी की बल्ली में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। कमरे में सो रहीं पत्नी मीना ने परशुराम का शव फं दे पर लटका देखा तो वह दंग रह गईं। रोने की आवाज सुनकर परिजन पहुंच गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कर दिया। प्रधान प्रतिनिधि गौरव द्विवेदी ने बताया कि परशुराम कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। इससे वह काफी परेशान थे। एक साल पहले कैंसर की वजह से पैर कट गया था। उन्होंने बताया कि परशुराम पहले भी कई बार जान देने की कोशिश कर चुके थे। परशुराम के दो लड़कियां हैं। इनका विवाह हो चुका है।
प्रभारी निरीक्षक सुधाकर मिश्रा का कहना है कि अभी तक किसी भी प्रकार की सूचना नहीं है। अगर सूचना मिलती है तो वह जांच पड़ताल करेंगे।