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Jalaun News: मां के पैर तोड़ने के बाद कैलाश बना था जितेंद्र का दुश्मन

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फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।
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उरई। खेत में फसल की ज्यादा हिस्सेदारी को लेकर हुई दो भाइयों कैलाश और जितेंद्र की हत्या के मामले में प्रधान प्रतिनिधि रमाशंकर ने जय नारायण और उसके छोटे बेटे गुड्डू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि पहले सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन कैलाश ने एक बार मां बुद्ध कुंवर का पैर तोड़ दिया था। इसके बाद से कैलाश से जितेंद्र उर्फ अल्लू दुश्मनी मानता था।
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रामपुरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर जागीर निवासी जय नारायण चतुर्वेदी (70) के तीन बेटे थे। अलग-अलग स्थानों पर रहकर खेती किसानी का काम देखते थे। बड़ा बेटा कैलाश (43) मिर्जापुर गांव में रहता था। दूसरे नंबर का बेटा जितेंद्र उर्फ अल्लू (33) रामपुरा में रहता था। सबसे छोटा बेटा गुड्डू (26) अंगदेला मड्डैयन में रहता है। तीन दिन से फसल बंटवारे को लेकर सभी के बीच विवाद चल रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को छह बीघा खेत में गेहूं की फसल की थ्रेशिंग हो रही थी। इसी दौरान जितेंद्र खेत पर पहुंचा और कैलाश से कहासुनी करने लगा। नशे में जितेंद्र ने कैलाश के सीने में गोली मार दी। कैलाश की खेत पर ही मौत हो गई। जितेंद्र ने जैसे ही दूसरा कारतूस तमंचा में चढ़ाया तो पिता जयनारायण व गुड्डू ने उसे पकड़ लिया और सिर में लाठियों व हंसिये से वार कर दिया। जितेंद्र की मौत होने तक पिता-पुत्र उस पर वार करते रहे। मामले में ग्राम प्रधान चंद्रकांति पाल के प्रतिनिधि रामशंकर पाल ने पिता-पुत्र पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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या तो वह रहेगा या मैं…’ धमकी के बाद खूनी अंजाम, 11 बच्चों के सिर से उठा साया
जिस बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी को पिता ने उतारा मौत के घाट
संवाद न्यूज एजेंसी



उरई। एक पिता, जिसने अपने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया और उसकी शादी तक कराई, वही हालात के ऐसे मोड़ पर पहुंच गया जहां उसे बेटे की जान लेनी पड़ी। बताया जा रहा है कि घटना से पहले जितेंद्र ने अपने पिता से साफ कह दिया था कि या तो भाई रहेगा या मैं। इसी चेतावनी के बाद घटनाओं ने खौफनाक मोड़ ले लिया।

इस खूनी संघर्ष के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया है। इस घटना के बाद सबसे ज्यादा असर उन मासूम बच्चों पर पड़ा है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। कैलाश की पत्नी रानी के सात बच्चे- रामायणी (14), लौंगा (12), रामाकांत (11), नंदू (9), कृष्णा (7), राज (5) और डेढ़ साल की परी- अब बेसहारा हो गए हैं। वहीं जितेंद्र की पत्नी रश्मि के चार बेटे- अंश (16), यश (12), भूरे (7) और पासा (5) हैं।

गांव के लोग बताते हैं कि एक ही परिवार के 11 बच्चों पर अचानक यह संकट टूट पड़ा है। उनकी माताओं के सामने अब इन बच्चों के भरण-पोषण और भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। घटना के बाद घरों में सन्नाटा पसरा है। बच्चों की आंखों में डर और भविष्य की अनिश्चितता साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद परिवार को सहारे की जरूरत है। गांव में घटना के बाद मातम पसरा है और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता गहराई हुई है। पुलिस ने मामले में पिता जयनारायण और गुड्डू के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।











दो मिनट भी नहीं छटपटा पाया कैलाश, गोली लगते ही हो गई थी मौत



पिता जयनारायण ने बताया कि शराब के नशे में सोमवार की शाम को जितेंद्र उर्फ अल्लू खेत पर पहुंचा और कैलाश से विवाद करने लगा। जब कैलाश ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे तमंचे से गोली मार दी। बताया कि गोली लगते ही कैलाश छटपटा भी नहीं पाया कि दो मिनट में ही उसकी मौत हो गई। जब उसने अल्लू को ललकारा कि तूने यह क्या कर दिया तो बेटे ने उसके ऊपर भी तमंचा तान दिया। इस पर छोटा बेटा गुड्डू यह बर्दाश्त नहीं कर सका और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।









वर्जन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की तहरीर पर पिता - पुत्र के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्जकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई की जा रही है।


अंबुज यादव, सीओ माधौगढ़।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

फोटो - 26 मृतक कैलाश की फाइल फोटो।

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