तिरंगा यात्रा में शामिल महिलाएं।
- फोटो : ORAI
उरई। अमृत महोत्सव मनाने के लिए अमृत महोत्सव समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें आजादी के वीरों को याद किया गया।
शहर के मोहल्ला रामनगर स्थित जनता इंटर कॉलेज से तिरंगा यात्रा की शुरूआत की। जो विभिन्न मार्गों से होती हुई करमेर रोड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में जाकर समाप्त हुई। इस दौरान जिले के इतिहासविद् डॉ हरिमोहन पुरवार ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि रानी झांसी का बुंदेलखंड से और उरई से बहुत गहरा नाता था। अपने अंतिम समय में अपनी पीठ पर अपने बच्चे को बांधकर झांसी से कालपी में आकर अंतिम युद्ध लड़ा और इस महासंग्राम में अपने जीवन की आहुति दी। यहां जनपद में ताईबाई, मुन्नीलाल पांडे आदि अनेकों ऐसे नाम है जिनका नाम लिए बिना स्वतंत्रता का महायज्ञ संपन्न नहीं होगा। अध्यक्षीय भाषण में डॉ द्विजेंद्र नाथ ने कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के सहयोग का विस्तार से वर्णन किया।
जिला प्रचारक यशवीर ने कहा कि 19 नवंवर से 16 दिसंबर तक चलने वाला अमृत महोत्सव की ध्वज पताका दिखाकर जिले के सभी खंडों में अमृत महोत्सव रथ भेजे गए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। जिसे गरिमा पाठक ने गाया। इस दौरान नगर संघचालक श्यामदास, गौतम त्रिपाठी, बृह्मानंद, रोहित, शिवाजी, नागेंद्र गुप्ता, अमित निरंजन, अरुण सक्सेना, डॉ अखंड प्रताप, डॉ प्रशांत निरंजन, जयदीप त्रिपाठी, जगदीश तिवारी, उर्विजा दीक्षित, प्रीति आदि मौजूद रहे।