उरई गल्ला मंडी में खरीद केंद्र पर तुलाई करते मजदूर
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उरई। गेहूं खरीद के लक्ष्य में झांसी मंडल में जिला दूसरे स्थान पर है। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 71971.19 मेटिक टन गेहूं की खरीद हुई है। यह लक्ष्य के सापेक्ष करीब 65 फीसदी है। इसके बावजूद अफसर खरीद से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने किसानों के शत-प्रतिशत भुगतान का दावा भी किया। पहले नंबर पर ललितपुर है।
गेहूं खरीद के लिए जिले में कुल 90 केंद्र स्वीकृत हुए थे, लेकिन पहली अप्रैल से 84 केंद्रों में खरीद शुरू हो सकी। कोरोना महामारी में जिला रेड जोन में होने से खरीद की शुरुआत बेेहद धीमी रही। अप्रैल में मात्र 20 से 25 प्रतिशत खरीद हुई लेकिन जून की शुरुआत से खरीद में तेजी आ गई। हालांकि इस बीच कई मर्तबा बारदाना की कमी व उठान न होने की परेशानी ने खरीद में ब्रेक भी लगाया। इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया जारी रही।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1,11500 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष में अब तक 84 केंद्रों में कुल 71971.19 मीटिक की खरीद हो चुकी है। विपणन अधिकारी विकास तिवारी ने बताया कि कुल 13,092 किसानों ने गेहूं बेचा है। सभी को भुगतान किए जा चुके हैं। बताया कि बाकी बचे दिनों में खरीद के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने व जिले को मंडल में पहले स्थान पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया कि ललितपुर का नंबर पहला है। वहां मात्र दो सौ मीट्रिक टन ज्यादा खरीद हुई है। कहा कि प्रयास है कि शेष दिनों में हम नंबर-एक पर पहुंच जाएं। इसके लिए केंद्र प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों के साथ अच्छा व्यवहार करें।
शासन से पहले पहली अप्रैल से 15 जून तक गेहूं खरीद का समय दिया गया था। बाद में कोरोना की वजह से आवक कम रही तो समय बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया। किसानों को उम्मीद थी कि समयसीमा बढ़ेगी लेकिन जिला विपणन अधिकारी के मुताबिक, समय नहीं बढ़ेगा। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि समय रहते गेहूं केंद्र पर ले आएं। भुगतान की समस्या नहीं होगी।