काम रुकवाने के बाद मौके पर खड़ी पोकलैंड मशीन
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कदौरा। भारत पेट्रोलियम पाइप लाइन परियोजना के तहत बीना से पनकी तक बिछाई जा रही पाइप लाइन का किसानों ने मुआवजा न मिलने पर विरोध करते हुए काम को बंद करा दिया। किसानों का आरोप है कि कंपनी ने छह माह पहले जमीनों का अधिग्रहण किया था, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया। उनका कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलता तब तक काम नहीं करने की देंगे।
गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा बीना मध्य प्रदेश से पनकी कानपुर तक पेट्रोल पाइप लाइन बिछाई जा रही है। उक्त पाइपलाइन क्षेत्र के ग्राम बरखेरा, गुलौली, सुरोला तिरही, बरही आदि जगह से निकल रही है। क्षेत्र में कंपनी द्वारा जेसीबी की मदद से तेजी से काम कराया जा रहा है। आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन पर जल्द ही मुआवजा देने का आश्वासन किसानों को दिया था, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी अब तक मुआवजा नही दिया गया, जिस पर रविवार को किसानों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने बरखेर में मौके पर पहुंचकर पाइप लाइन के कार्य को रुकवा दिया।
इस दौरान उन्होंने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी किया। किसान नूरुद्दीन, सफीक बेग, रफीक बेग, साजिद बेग, माजिद बेग, जुलेखा खातून, अख्तरी खातून सुखराम आदि ने आरोप लगाया कि हम लोगों को अधिकारियों ने जमीन देने के बदले में मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। 6 माह से किसान मुआवजे के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हर बार अधिकारी आश्वासन देकर टरका देते है, जबकि काम पूर्ण होने पर आ गया है, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।़ किसानों ने आरोप लगाया कि जो जगह अधिकृत की गई थी उससे अधिक जगह को अधिकृत कर पाइप लाइन डाली जा रही है साथ ही बीच खेतों से पाइप लाइन निकाली जा रही है। किसानों के उग्र रूप को देख कर मौजूद कर्मचारियों ने कार्य बंद कर दिया। किसानों ने चेतावनी दिया जब तक मुआवजा नहीं मिलता तब तक कार्य नहीं करने देंगे। वहीं भारत पेट्रोलियम पाइप लाइन परियोजना के कर्मचारी जगदेव सिंह ने कहा कि किसानों के आक्रोश को देखते हुए फिलहाल कार्य बंद कर दिया है। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।