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Jalaun News: डाक्टर तक पहुंचने में लगते तीन घंटे

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फोटो-05- मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों को परामर्श देते डॉ. शिवम। संवाद
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फोटो-06- ओपीडी के बाहर परेशान खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद

- इलाज के लिए मरीजों को करना पड़ रहा आधा दिन इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ लगी है। चिकित्सक भले ही मरीज को चार मिनट में परामर्श देकर दवाएं लिख देते है, लेकिन डाॅक्टर तक पहुंचने में ही मरीजों को घंटों लग रहे हैं।
पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सीय परामर्श और दवा लेने में मरीज के साथ तीमारदार भी बीमार हुए जा रहे हैं। भीड़ अधिक होने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद संसाधन भले ही बढ़ गए हों, लेकिन मरीजों की दुश्वारियों में कमी नजर नहीं आ रही है। मेडिकल कॉलेज होने से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना 18 सौ से दो हजार के बीच ओपीडी में मरीज चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी 1963 नए मरीजों के पर्चे बनाए गए।
रोजाना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण मरीजों को चिकित्सीय परामर्श में दो बज रहे हैं। ओपीडी पहुंचते ही मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। सिर्फ पर्चा बनवाने में ही मरीज को 20 से 30 मिनट लग जाते हैं। चिकित्सक कक्ष के बाहर भी इतनी लंबी लाइन होती है, कि डॉक्टर तक पहुंचने में डेढ़ से दो घंटा लग जाता है।
वहीं अगर चिकित्सक ने जांच लिख दी तो पंजीकरण कराने और रक्त नमूना निकलवाने में एक घंटा लगता है। इसके बाद दवा लेने के लिए भी लंबी लाइन में जूझना पड़ता है। अस्पताल में अंदर आने के बाद बाहर जाने तक चार से पांच घंटा लग जाता है और बीमार से लेकर तीमारदार तक परेशान हो जाते हैं।

इन बीमारियों के बढ़े मरीज

हरदोई। मौसम में बदलाव के इन दिनाें सर्दी, खांसी, जुकाम, पेट दर्द, बुखार, उल्टी, आंख में सूजन, कान में दर्द और गले में दर्द के मरीज बढ़े हैं। इसके अलावा हड्डी, चर्मरोग, नेत्र विभाग, ईएनटी और बाल रोग विभाग में मरीज और तीमारदारों की लंबी लाइन लगी होने से परेशान होना पड़ रहा है। उधर इमरजेंसी में भी रोजाना 30 से 40 मरीज को गंभीर हालत में भर्ती किया जा रहा है। ईमओ डॉ. शेर सिंह ने बताया कि ओपीडी बंद होने के बाद वायरल और पेट दर्द के मरीज इमरजेंसी में आ रहे हैं। जिन मरीजों को भर्ती कराने की स्थिति होती है, उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। बाकी को दवा व इंजेक्शन देकर भेज दिया जाता है।
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वर्जन

सुविधाएं बढ़ने पर मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। डॉक्टर समय से बैठ रहे हैं और जांच भी 24 घंटे हो रही है। भीड़ अधिक होने के कारण लाइन लग रही है।-डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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