उरई। हत्या के मामले में जेल में बंद बंदी की बीमारी के चलते हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने कहा कि वह काफी समय से बीमार चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया था, जहां उसकी मौत हो गई।
कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बागी निवासी बबलू (48) पुत्र नथुगिना 21 जनवरी 2019 से हत्या के मामले में जिला कारागार में बंद था। वह कई दिनों से पेट में इंफेक्शन के चलते बीमार चल रहा था। 25 दिसंबर को उसे जेल से कानपुर इलाज के लिए भेजा गया था। वहां से लौटकर आने के बाद जेल अस्पताल में ही उसका उपचार किया जा रहा था। मंगलवार की सुबह उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई। इस पर जेल चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेलर सीताराम शर्मा ने बताया कि बंदी काफी समय से पेट की बीमारी से परेशान था। उसका जेल अस्पताल में उपचार भी चल रहा था।
बंदी की मौत की जांच व मुआवजे की मांग डीएम से की
उरई। भाकपा माले ने जेल में हुई बबलू की मौत पर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया किया। जिला जेल में बंद बबलू को हत्या के मामले में झूठा फंसाकर जेल भेजा गया था। न्यायिक हिरासत में लंबे समय से निरुद्ध था। न्यायालय द्वारा कोई सजा या दंड नहीं दिया गया है। जेल प्रशासन ने उसे जेल में जबरन शारीरिक कार्य कराया। जिसके चलते वह बीमार हुआ और उसकी मौत हो गई। जिलाधिकारी से मांग की है कि बंदी की मौत की जांच के लिए एक टीम गठित की जाए और उसके परिवार को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए। इस दौरान रामसिंह चौधरी, राजीव कुशवाहा आदि रहे।