उरई। बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अब जिले के ग्रामीण इलाकों में भी विकास की लकीर खिंचने लगी है। परियोजना के पहले चरण में तहसील उरई के नौ राजस्व ग्रामों को चिह्नित किया गया है। भूमि सर्वे यहां शुरू हो गया है और सीमांकन भी जल्द कराया जाएगा।
लिंक एक्सप्रेसवे के लिए उरई तहसील के डकोर ब्लॉक के फूलपुरा, टिमरो, गोरन, जैसारी कला, बरसार, किशोरा, कोटरा, हिलगना और नंधा को शामिल किया गया है। जिले में इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और झांसी डिफेंस कॉरिडोर भी एक साथ जुड़ जाएगा। इससे जिले की औद्योगिक और भौगोलिक कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने ध्रुव कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड, नवी मुंबई को परामर्शी कंपनी के रूप में नियुक्त किया है। कंसल्टेंसी को जालौन जिले के चयनित नौ गांवों के बंदोबस्ती नक्शों की प्रतियां 11 जुलाई 2025 को प्राप्त हो चुकी हैं।
राजस्व विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर सीमांकन और प्रारंभिक सर्वे शुरू कर दिया है। किसानों से संवाद स्थापित कर भूमि मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल यूपीडा से प्रभावित गाटों और उनके क्षेत्रफल का विवरण आना बाकी है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण का अगला चरण शुरू होगा।
इनसेट
युवाओं को भी मिलेंगे रोजगार के अवसर
अधिकारियों का कहना है कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से जिले की तस्वीर बदल जाएगी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से निवेश, व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एक्सप्रेसवे के किनारे गोदाम, ढाबे, होटल और छोटे उद्योग विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बोले लोग
फोटो - 02 ऋषि ठाकुर
किसानों में उत्साह और उम्मीदें
टिमरो गांव निवासी किसान ऋषि ठाकुर का कहना है कि हमारा गांव पहली बार किसी बड़ी सड़क परियोजना से जुड़ रहा है। सड़क बनेगी तो हमारे बच्चों को रोजगार और बेहतर जिंदगी मिलेगी।
फोटो - 03 वीरपाल
जैसारी कलां गांव निवासी वीरपाल का कहना है कि पहले हमारे गांव तक पहुंचने में दिक्कत होती थी। अब सीधे झांसी और लखनऊ तक जाने की सुविधा मिलेगी। उम्मीद है कि सरकार किसानों का सम्मान रखेगी।
वर्जन
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे से जिले में विकास के द्वार खुलेंगे। उद्योग विकसित होने से रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जल्द ही भूमि सर्वे और सीमांकन का कार्य कराया जाएगा।
- संजय कुमार, एडीएम जालौन