उरई। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वैसे तो पानी के लिए पांच वाटर कूलर लगे हैं, इसमें तीन पूरी तरह खराब है। एक वाटर कूलर में एक से ही गर्म पानी आ रहा है। वार्ड में एकलौते वाटर कूलर लगा है, लेकिन वह भी गर्म पानी फेंक रहा है। इससे मरीजों को बाहर से पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है।
ओपीडी के पर्चा काउंटर के पास लगा वाटर कूलर पूरी तरह खराब पड़ा है। इमरजेंसी के बाहर लगा वाटरकूलर भी पानी नहीं दे रहा है। ब्लड बैंक और पैथालॉजी के पास लगे वाटर कूलर की यही स्थिति है। पुरानी इमरजेंसी के पास लगे वाटरकूलर की भी हालत ठीक नहीं है। दो टोटियों में एक टोटी टूटी पड़ी है। एक सही है, लेकिन उसमें गर्म और धीमी गति से पानी आ रहा है। एक कूलर वार्ड में लगा है। इसमें पानी तो आ रहा है, लेकिन इसमें भी गर्म पानी आ रहा है और पानी की गति भी धीमी है। इससे मरीज पानी लेने से कतरा रहे हैं।
जिला अस्पताल में ठंडा पानी न मिलने के कारण अस्पताल आने वाले तीमारदार परेशान हैं। उनका कहना है कि तापमान 38 डिग्री से ज्यादा हो गया है। गर्मी के कारण लोगों का गला सूखने लगा है। ऐसे में शीतल जल न मिलने के कारण परेशानी हो रही है। ऐसे में या तो मरीज के साथ आने वाले तीमारदार घर से ठंडा पानी लेकर आए या फिर बाजार से पानी की ठंडी बोतल खरीदकर पिएं। जिला अस्पताल पांच वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन ठंडा पानी कोई नहीं दे रहा है। तीन तो पूरी तरह से ठप है। एक में टोटीं नहीं है और दूसरे में ठंडा पानी नहीं मिल रहा है।
तीमारदारों की जुबानी
फोटो-16-जुझार सिंह।
जालौन के मोहल्ला कछोरन निवासी जुझार सिंह ने बताया कि उनकी मां प्रेमवती की हड्डी टूट गई है। वह वार्ड में भर्ती है। पानी के लिए वाटरकूलर के पास गए तो ठंडा पानी नहीं मिला।
फोटो-17-शिवम।
कानपुर निवासी शिवम सिंह ने बताया कि उनके रिश्तेदार वार्ड नंबर आठ में भर्ती है। वह उन्हें देखने आए थे। यहां ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। वह बाहर से पानी की बोतल खरीद कर लाएं हैं।
वर्जन
- ठेकेदार को निर्देशित किया गया है कि वाटरकूलर में जो कमियां है, उसे तत्काल ठीक करें। जल्द मरीजों को स्वच्छ और शीतल जल मिलेगा। - डॉ. जगजीवन राम, सीएमएस जिला अस्पताल