शहर में अंबेडकर चौराहे पर हो रही श्रीरामकथा के पांचवें दिन श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान ‘भए प्रगट कृपाला दीन दयाला, कौशिल्या हितकारी’ के उद्घोष से समूचा पंडाल गूंज उठा। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु खूब झूमे। लोग भगवान राम के जयकारे भी लगा रहे थे।
इस दौरान कथावाचक पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने श्रीराम जन्मोत्सव की कथा का विस्तार से वर्णन किया और देश में बढ़ती कन्या भ्रूण जैसी समस्या को रोकने के लिए संदेश भी दिया।कथावाचक पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने श्रीराम जन्मोत्सव का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुद्यन भाई थे।
कथावाचक ने इसका अर्थ भी बताया। कथावाचक ने बेटी के जन्म को शुभ बताते हुए कहा कि बेटी दोनों कुल का नाम रोशन करती है। बेटियों को अच्छी शिक्षा दो और अच्छे संस्कार देना चाहिए, जिससे वह किसी शक्ति के सामने पराजित न हो। कथा समाप्ति पर श्रीरामकथा की आरती उतारी गई, इसके बाद मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।