उरई। राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों को जल्द एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। यह मशीनें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत स्थापित की जाएगी। शासन के निर्देश पर गठित तकनीकी समिति ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके मरीजों को बाजार में होने वाली मंहगी जांचों से राहत मिलेगी।
मेडिकल कालेज में जांच सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहा है। राजकीय मेडिकल कालेज में अभी एमआरआई और सीटी स्कैन जांच नहीं होती है। हालांकि सीटी स्कैन की जांच सुविधा प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर जिला अस्पताल में उपलब्ध है पर मेडिकल कालेज में न तो सीटी स्कैन की सुविधा है और न ही एमआरआई जांच की। अब शासन ने जालौन समेत आठ मेडिकल कालेजों में पीपीपी मॉडल पर एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित करने की तैयारी कर ली है। मेडिकल कालेज (जीएमसी) के प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ बताते है कि पिछले दिनों डिजिटल एक्सरे की सुविधा मेडिकल कालेज में शुरू हो गई है। अल्ट्रासाउंड, पैथॉलाजी, आपरेशन में काम आने वाली लगभग सभी जांचेें हो जाती है। सिर्फ एमआरआई और सीटी स्कैन की मशीनें नहीं है। जानकारी मिली है कि यह मशीनें भी जल्द पीपीपी मॉडल पर स्थापित हो रही है। इससे मरीजों का लाभ मिलेगा। निजी केंद्रों पर होने वाली मंहगी जांचों से राहत मिलेगी।
----
110 के सापेक्ष 76 डॉक्टर उपलब्ध
राजकीय मेडिकल कालेज में 110 के सापेक्ष 76 चिकित्सक उपलब्ध है। इसी तरह बाल रोग से संबंधित 16 के सापेक्ष सिर्फ छह डॉक्टर है और 10 की कमी है। प्राचार्य का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के बारे में शासन को अवगत कराया जा चुका है। शासन से डॉक्टरों की कमी दूर करने का आश्वासन मिला है।