उरई। कोचिंग से पढ़ाई पूरी करने के बाद मंगलवार शाम लापता हुई किशोर उम्र की छात्रा का शव देर रात रेलवे ट्रैक के पास मिला। चेहरा क्षत-विक्षत होने से पहचान में नहीं आ रहा था। परिजन इसे भारी चीज से कुचला हुआ मानकर अपहरण व हत्या का शक जता रहे हैं। पुलिस ने नामजद दो युवकों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की है। हालांकि हत्या की पुष्टि के लिए वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
आटा थाना क्षेत्र के पिपरायां गांव निवासी किसान अखिलेश चंसौलिया की 15 वर्षीय पुत्री वंशिका उर्फ पलक शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी। शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर में वह अपने मामा लक्ष्मीकांत के घर रह कर पढ़ाई कर रही थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे वह स्टेशन रोड स्थित कोचिंग पढ़ने गई थी, वहां उसने छह बजे तक पढ़ाई पूरी की। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची। परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर खुद भी तलाश शुरू की। देर रात छात्रा का शव करमेर रोड स्थित रेलवे ट्रैक के पास मिला। उसका बैग व जूते करीब 100 मीटर दूर अलग-अलग पड़े थे। पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बड़ी मुश्किल से छात्रा की पहचान की। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि मोहल्ले के ही दो युवक अमन और विशाल ने उसका अपहरण कर हत्या करने के बाद शव रेलवे ट्रैक पर फेंककर हादसे का रूप देने की कोशिश की है। छात्रा का जहां शव मिला, वहां उस ओर उसके जाने का कोई तुक ही नहीं था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार सिंह का कहना है कि मंगलवार रात परिजनों की तहरीर पर दो युवकों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर एक युवक से पूछताछ शुरू कर दी है।
इनसेट
सबकी चहेती थी पलक
छात्रा के पिता अखिलेश ने बताया कि पलक दो बहन व एक भाई में सबसे बड़ी थी। मामा के घर उरई में रहकर पढ़ाई करती थी। उसकी मौत से पिता, मां सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। उनका कहना है कि बड़ी होने के नाते पलक सभी की चहेती थी।
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पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई
रेलवे ट्रैक पर छात्रा के मिले शव का बुधवार देर शाम परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।