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Jalaun News: पूर्व विधायक के बेटे को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी अवैध घोषित

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कोंच। स्कूल कर्मचारी हत्या प्रकरण में फंसे पूर्व बसपा विधायक अजय कुमार सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह उर्फ मिक्की को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है। अदालत ने उसे तत्काल हिरासत से रिहा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले के जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं। रिमांड मजिस्ट्रेट से इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने दिया। अमन कुमार सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई थी। याचिका में कोतवाली कोंच में दर्ज मुकदमा में की गई गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी ज्ञापन पुलिस महानिदेशक के परिपत्रों के अनुरूप नहीं था। इसमें कई महत्वपूर्ण कॉलम खाली छोड़े गए थे। इससे गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने दलीलों का विरोध किया, जबकि राज्य की ओर से एजीए ने भी अपना पक्ष रखा।


अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां थीं। हाईकोर्ट ने अमन कुमार सिंह को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक जालौन को जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें 25 मार्च 2026 तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है।
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वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि अभी तक न्यायालय का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। गिरफ्तारी की प्रक्रिया नियमानुसार की गई थी।

यह था मामला



कोंच कोतवाली क्षेत्र के घमूरी गांव निवासी जितेंद्र अहिरवार (45) को 9 अगस्त की शाम कुछ लोग गंभीर चोटों से लहूलुहान हालत में सीएचसी लेकर पहुंचे और वहीं छोड़कर भाग गए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अगले दिन 10 अगस्त को जितेंद्र के बेटे नितिन ने कोतवाली में पूर्व विधायक रामप्रसाद, उनके बेटे अजय उर्फ पंकज और अजय के बेटे अमन उर्फ विक्की, राजा उर्फ अतुल, अमित और गोविंद समेत सात लोगों पर हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच में एससी-एसटी एक्ट की धारा जोड़ी और छह आरोपियों- अमन उर्फ मिक्की, अमित, गोविंद, सलीम, अजय उर्फ पंकज और रामप्रसाद- के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने पूर्व विधायक पिता पुत्र की जमानत मंजूर कर दी थी। इस समय जेल में अमन उर्फ मिक्की, सलीम व गोविंद जेल में बंद हैं।

मामले की अगली सुनवाई 25 को



सुनवाई के दौरान याची पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर मिश्रा व अधिवक्ता चंद्रकेश मिश्रा ने दलील दी कि गिरफ्तारी ज्ञापन डीजीपी के परिपत्र के अनुरूप नहीं था और कई जरूरी कॉलम खाली छोड़े गए थे। वहीं, वादी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शांडिल्य व अधिवक्ता वैभव शांडिल्य ने इसका विरोध किया। अदालत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां पाते हुए जालौन के एसएसपी को जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और 25 मार्च 2026 तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही उरई के रिमांड मजिस्ट्रेट/एसीजेएम से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि बिना पर्याप्त विचार के रिमांड आदेश क्यों पारित किया गया। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।
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