उरई/जालौन। चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ की अपील पर चिकित्सक, डिप्लोमा फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति के विरोध में सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार आंदोलन किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 जुलाई को प्रदेश भर के कर्मचारी महानिदेशालय का घेराव करेंगे।
चिकित्सक, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन से जुड़े फार्मासिस्टों और कर्मचारियों ने जिला अस्पताल समेत पूरे जिले के अस्पतालों में सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार आंदोलन किया। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ पीएन शर्मा ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो 12 जुलाई को महानिदेशालय का घेराव किया जाएगा। इस दौरान डॉ अशोक कटियार, डॉ सुबोध नायक, डॉ टीपी गौतम, डॉ कमलेश कुमार, डॉ मनोज बाथम आदि मौजूद रहे। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण दवा काउंटर, पर्चा कांउटर, पैथालॉजी आदि में भी काम नहीं हुआ। इसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
जालौन संवाद के अनुसार प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति के विरोध में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में 3 दिवसीय कार्य बहिष्कार के क्रम में पहले दिन सीएचसी में तैनात फार्मासिस्टों ने 2 घंटे काम बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके लिए 3 दिवस के लिए 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। शुक्रवार को पहले दिन सीएचसी में सुबह 8 से 10 बजे तक 2 घंटे तक कार्य बहिष्कार किया गया। दो घंटे का यह कार्य बहिष्कार 11 जुलाई तक जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार करने वालों में अवधेश राजपूत, नरेंद्र, कुंती, सरिता मिश्रा, विजय राव आदि रहे।