उरई (जालौन)। बैंक खाताधारकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को कालपी कोतवाली पुलिस व साइबर सेल टीम ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों के पास से एटीएम, डेबिट कार्ड, मोबाइल, नगदी, कार बरामद की। पकड़े गए लोगों का खुलासा एसपी यशवीर सिंह ने किया।
पुलिस लाइन में एसपी ने बताया कि जितेंद्र कुमार निवासी मोहल्ला मोहम्मद नगर थाना सिकंदरा जनपद कानपुर देहात, अनुज कुमार सेठ निवासी गोपालापुर थाना रामपुर जनपद जौनपुर, लोकेंद्र कुमार निवासी अन्दावा थाना बकेवर जनपद इटावा, सुमित उर्फ मईयादीन निवासी मैनुपूर कालपी, जितेंद्र कुमार निवासी संजीव नगर थाना चकेरी कानपुर नगर को कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हरीगंज स्थित दुर्गा मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए ठगों के पास से विभिन्न बैंकों के 52 डेबिट कार्ड , छह मोबाइल, 71340 रुपये व एक कार बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में ठगों ने बताया कि विभिन्न बैंकों के एटीएम के साथ छेड़छाड़ करके भी धन निकासी करते थे। अपनी जान पहचान के लोगों के पहचान पत्र लेकर विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाते हैं। इसके बाद ई मेल आइडी का प्रयोग करते है। इसके बाद खाताधारकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर उनके एटीएम कार्ड व पासबुक लेकर ओएलएक्स पर क्रय विक्रय करके गूगल पर अपना मोबाइल नंबर एजेंसियों के कस्टमर केयर के नाम से अंकित करते है। समस्या होने पर जब कोई गूगल से कस्टमर केयर पर नंबर डायल करता है तो वह नंबर हमारे होते है। इसके बाद बात करके स्क्रीन शेयर एप के माध्यम से धोखाधड़ी करके इन्हीं खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लेते है। फिर विभिन्न शहरों के एटीएम से पैसा निकालकर बंदरबांट करते हैं। कालपी में एटीएम से पैसे निकालकर घर जा रहे थे तभी पुलिस ने पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि दो दिन पहले ही कालपी पुलिस ने इसी गैंग के दो ठगों को पकड़कर जेल भेजा था। एसपी ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये इनाम की घोषणा की।
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कानपुर के सरगना ने करोड़ों कमाएं
एसपी ने बताया कि गैंग के मुख्य सरगना जितेंद्र कुमार निवासी संजीव नगर चकेरी कानपुर नगर है। वह पिछले चार वर्षों से लोगों के साथ ठगी का काम कर रहा है। दो से तीन साल में ही कई मकान, गाड़ियां, स्कूल सहित काफी संपत्ति अर्जित कर ली है। यह ग्वालियर में भी एक बार जेल जा चुका है। इसके और आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।