फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: हमीरपुर साख नहर ओवरफ्लो, 150 बीघा फसल जलमग्न

विज्ञापन
नहर ओवरफ्लो होने से खेत में भरा पानी। संवाद - फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।
विज्ञापन
एट। हरदुआ पुल से नहर कोठी टिकरिया तक हमीरपुर साख नहर के ओवरफ्लो होने से आसपास के खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे करीब 150 बीघा (लगभग 60 एकड़ से अधिक) चना और सरसों की फसल डूब गई है। सड़क पर भी पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन


एट निवासी किसान मनीष तिवारी की टिकरिया मौजे में करीब आठ एकड़ जमीन है। इसमें एक एकड़ में सरसों और करीब 14 बीघा में चना बोया गया था, जो पूरी तरह पानी में डूब चुका है। उनका कहना है कि अब न तो लागत निकलने की उम्मीद है और न ही मुनाफा होगा।
धुरट निवासी किसान कन्हैयालाल की तीन एकड़ गेहूं की फसल में घुटनों तक पानी भर गया है। किसान चिरंजीवी की ढाई एकड़ पकी हुई गेहूं की फसल भी जलमग्न है। किसानों के अनुसार सबसे अधिक नुकसान चना, मसूर, मटर और सरसों की फसलों को हुआ है। धुरट निवासी किसानों ने बताया कि उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से खेत जोते थे। अब हालत यह है कि लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है और ऊपर से भारी नुकसान अलग हो गया है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि अक्तूबर में हुई बारिश से पहले ही फसल खराब हो चुकी थी। किसी तरह दोबारा बोआई की गई, लेकिन अब कटाई के समय फसल में पानी भर जाने से सारी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि धुरट, मवई और टिकरिया गांव के लोगों ने कई बार नहर विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धुरट के प्रधान प्रतिनिधि विकास पालीवाल ने बताया कि एक्सईएन समेत अन्य अधिकारियों को 15 दिन पहले और उससे डेढ़ महीने पहले भी अवगत कराया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। उनका कहना है कि रात से नहर लगातार ओवरफ्लो हो रही है पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
किसान सुबह से ही फसल बचाने के लिए खेतों में जुटे हैं और पानी निकासी के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जलभराव अधिक होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।



तैयार फसल को बचाने घरों से दौड़ पड़े किसान

जैसे ही नहर के ओवरफ्लो होने की जानकारी किसानों को मिली तो वह खेतों की ओर दौड़े। वहां देखा तो खेत तालाब का रूप ले चुके थे। उनकी तैयार फसल का कहीं कोई पता नहीं था। कुछ किसान पानी की धारा को खेतों तक न आए, इसको रोक रहे थे, लेकिन पानी का वेग लगातार बढ़ता जा रहा था। किसानों का कहना है कि मटर, चना, मसूर व सरसों की फसल में पानी भर जाने से उन्हें नुकसान हो गया है।



किसानों की प्रतिक्रिया
फोटो - 06 मनीष तिवारी
आठ एकड़ में सरसों और चना बोया था। फसल कटने को तैयार थी, लेकिन नहर का पानी भर जाने से सब चौपट हो गया। अब न लागत निकलने की उम्मीद है और न ही कोई मुनाफा। कई बार अधिकारियों को बताया, मगर समय रहते सुनवाई नहीं हुई। - मनीष तिवारी



फोटो - 07 सियाराम
10 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से खेत जोते थे। गेहूं और चना की फसल घुटनों तक पानी में डूबी है। पहले बारिश से नुकसान झेला, अब नहर के पानी ने बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी। सरकार से मुआवजे की मांग है। - सियाराम।


वर्जन

किसानों से सूचना मिली है। मौके पर दिखवाया जा रहा है और जल्द ही ओवरफ्लो बंद कराकर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को परेशान नहीं होना दिया जाएगा।


धर्मघोष, एक्सईएन, नहर विभाग।

पारीछा बांध से अचानक पानी बढ़ जाने से नहर ओवरफ्लो हो गई थी। इसलिए खेतों में पानी भर गया था। नहर का वेग कम करा दिया गया है। अब पानी स्थिर है।



राहुल वर्मा, जेई, नहर विभाग।

नहर ओवरफ्लो होने से खेत में भरा पानी। संवाद- फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।

नहर ओवरफ्लो होने से खेत में भरा पानी। संवाद- फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।

नहर ओवरफ्लो होने से खेत में भरा पानी। संवाद- फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।

नहर ओवरफ्लो होने से खेत में भरा पानी। संवाद- फोटो : हिड़ौरा में एसडीएम से बातचीत करते विधायक।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें