चौरासी गुंबद का पत्थर देखते विदेशी।
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कालपी। दुनिया की सैर पर साइकिल से निकले नीदरलैंड के दो नागरिकों ने यहां रुककर कालपी के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने भारत की सभ्यता और संस्कृति की जमकर प्रशंसा की। समाजसेवियों ने दोनों विदेशी नागरिकों का स्वागत किया और उनके साथ मोबाइल पर सेल्फी का भी आनंद लिया। कालपी का वेद व्यास मंदिर, चौरासी गुंबद और मकबरा आदि ऐतिहासिक स्थलों को देखकर हैरत में पड़ गए और उनकी जमकर प्रशंसा की।
नीदरलैंड से आठ हजार किलोमीटर की दुनिया की सैर पर निकले दो विदेशी नागरिक माइकल ग्लेन (27) व डॉउवी (30) नीदरलैंड के निवासी हैं। दोनों अलग-अलग साइकिल से हालैंड, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, कोरिया, इटली, तुर्की, ईरान होते हुए इंडिया पहुंचे। भारत में मुंबई से इन दोनों विदेशी नागरिकों ने अपनी साइकिल यात्रा शुरू की। ग्लेन व डॉउवी ने बताया की प्रतिदिन हमलोग दिन में 150 से 200 किलोमीटर तक की साइकिल यात्रा करते हैं। इसके बाद रात्रि विश्राम करते हैं। कालपी आकर वह श्याम पैलेस में रुके। इसके बाद उन्होंने समाजसेवी कल्लू मिश्रा, यश गुप्ता के साथ लोधीशाह का मकबरा, चौरासी गुंबद, झांसी की रानी का किला, भगवान वेदव्यास मन्दिर, प्राचीन लंका मीनार जैसे ऐतिहासिक स्थलों को देखा। उन्होंने भारत की सभ्यता और संस्कृति की जमकर प्रशंसा की। इस दौरान दोनों विदेशियों का स्वागत भी किया गया। इसके बाद दोनों साइकिल से ही कानपुर के लिए प्रस्थान कर गए। उन्होंने बताया कि कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर होते हुए काठमांडू से सिंगापुर जाएंगे। विदेशियों को अपने बीच देख कालपी के बच्चों ने भी उनके साथ जमकर सेल्फी ली। विदेशी भी स्वयं को बच्चों के बीच पाकर खुशी फूले नहीं समा रहे थे।