उरई। झांसी मंडल में दुर्ग एक्सप्रेस में हुई आगजनी की घटना से सबक लेकर रेलवे आग से बचाव के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में जुट गया है। झांसी से आए मंडलीय सुरक्षा सलाहकार (सेेफ्टी काउंसलर) एसबी सिंह ने मंगलवार को रेलकर्मियों को आग से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया। इस दौरान मॉक ड्रिल भी कराया गया।
उन्होंने बताया कि आग पांच कारणों से लगती है। जिसमें ठोस पदार्थ में लकड़ी, कोयला और गत्ता है। जबकि लिक्विड पदार्थ जैसे तेल, पेट्रोल, गैस, धातु, पोटेशियम पदार्थ है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक उपकरणों से आगजनी की घटनाएं होती है। इन्हें रोकने के लिए जागरूक और दक्ष होना जरूरी है। संरक्षा सलाहकार विद्युत नीलू कुमार ने बताया कि आगजनी की घटनाएं यदि होती है तो उनसे कम से कम नुकसान हो। यदि चलती ट्रेन में हादसा होता है तो ट्रेन ऐसे स्थान पर रुके, जहां कम से कम नुकसान हो पुल आदि पर ट्रेन को न रोके। घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें। प्रशिक्षण में प्वाइंट्समैन, पार्सलकर्मी, वाणिज्य विभाग के कर्मी, सफाई कर्मी और यात्रियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक एसके खरे, सुनील कुमार, नेहा, आरती आदि मौजूद रहे।
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आज ट्रैक का निरीक्षण करेंगे रेल संरक्षा आयुक्त
उरई। झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के पिरौना से नंदखास तक के नानइंटरलॉकिंग का काम पूरा हो गया है। बुधवार को रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद नंदखास से पिरौना तक के 35 किलोमीटर ट्रैक का स्पीड ट्रेन से ट्रायल कर ट्रैक की क्षमता परखेंगे। डीआरएम आशुतोष ने बताया कि रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण सुबह 9.15 बजे से शुरू हो जाएगा। (संवाद)