उरई (जालौन)। स्टेट बैंक सिटी ब्रांच के लॉकर से अधिवक्ता के 81 लाख रुपये के जेवरात गायब हो गए थे। तब अधिवक्ता ने बैंक प्रबंधक सहित चार लोगों को खिलाफ जेवर चोरी करने की तहरीर दी थी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज न होने पर अधिवक्ता ने कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मैनेजर, एकाउंटेंट व एक अज्ञात सहकर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधी नगर निवासी अधिवक्ता आनंद स्वरूप श्रीवास्तव ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया कि उसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सिटी ब्रांच राठ रोड में 1980 से लॉकर लिए हैं और बराबर संचालित करते आ रहे हैं। लॉकर में रखे पुश्तैनी जेवर, चार हार, 16 सोने की चूड़ियां, चार जंजीर, एक बाजूबंद, बेंदी, नथ, तीन जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी झाला, दस अंगूठियां, एक चांदी की हाफपेटी, नब्बे चांदी के सिक्के, तीन डिब्बों में रखे थे।
बताया कि अंतिम बार वह 13 अगस्त को लॉकर देखने गए थे। उस समय पूरे जेवर लॉकर में रखे थे। इसके बाद उन्होंने लॉकर लॉक कर अपना अलग से एक ताला लगा दिया था। उस समय एकाउंटेंट प्रणय श्रीवास्तव व कई सहकर्मी मौजूद थे। 21 नवंबर को बैंक कर्मी बलवान सिंह ने फोन कर उसे बैंक शाखा बुलाया, जब वह वहां पहुंचा तो उसे जेवर गायब होने की बात पता चली।
अधिवक्ता ने शाखा प्रबंधक अंकित तिवारी, प्रणय श्रीवास्तव सहित अन्य सहकर्मियों पर एक राय होकर बैंक की चाबी मिलवाकर उसके लॉकर से 81 लाख के जेवर चोरी करने का आरोप लगाया था। कोतवाली में रिपोर्ट न होने पर अधिवक्ता ने कोर्ट में वाद दायर किया था। पुलिस ने बैंक मैनेजर अंकित तिवारी, एकाउंटेंट प्रणय श्रीवास्तव व एक अज्ञात सहकर्मी पर रिपोर्ट दर्जकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।