आटा/सिरसा कलार। आटा फीडर से जुड़े चार गांव रविवार को नौ घंटे तक बिना बिजली के रहे। सप्ताह में तीसरी बार इस तरह की समस्या सामने आई कि कई घंटों तक सप्लाई गुल रही। यहां जर्जर तारों में फाल्ट होने से यह समस्या आई है।
रविवार तड़के करीब दो बजे आटा विद्युत उपकेंद्र से चमारी की ओर गई एचटी लाइन के दो स्थानों पर तार टूट गए। इससे आटा, चमारी, भभुआ और पिपरायां गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। बिजली विभाग की टीम ने सुबह होते ही लाइन पेट्रोलिंग शुरू की, तो चमारी गांव के पास दो जगह तार टूटे मिले। मरम्मत कार्य के बाद करीब 11 बजे आपूर्ति बहाल की जा सकी। यह लगातार तीसरी रात है जब इन गांवों में बिजली गुल रही।
ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर तार मामूली हवा या बारिश में टूट जाते हैं। लोगों ने विभाग से तार बदलवाने और स्थायी समाधान की मांग की है। बिजली विभाग के जेई ब्रजेंद्र पाल ने बताया कि पुराने तारों को जल्द ही बदला जाएगा।
इधर, सिरसा कलार के बीहड़ क्षेत्र में बसे पाल गांव में पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं है। यह गांव न्यामतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों की डालियां लाइन पर गिरने से आपूर्ति ठप है। तेजसिंह, मनोज तिवारी, देवीचरण निषाद, मान सिंह और विश्राम ने बताया कि रात में जहरीले जीव-जंतु गांव में घूमते हैं, मच्छरों से परेशान हैं, मोबाइल चार्ज करने के लिए तीन किलोमीटर दूर पाल मड़ैया जाना पड़ता है।
बिजली विभाग को बार-बार सूचना देने पर भी सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। दो दिन पहले गांव में कुछ लोगों को रात में बिच्छू ने काट लिया था। उनका कहना है कि अंधेरे में जान का खतरा बना रहता है।
न्यामतपुर के जेई नवीन सचान ने बताया कि हाईटेंशन लाइन पर पेड़ की डालियां आ गई हैं। इससे लाइन बाधित हुई है। लाइनमैन भेजे गए हैं, जल्द आपूर्ति बहाल की जाएगी।