उरई। गांवदारी की रंजिश में हुए विवाद में युवक पर जानलेवा हमले करने में दोष साबित होने पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने पिता व दो बेटों को दस-दस साल की कैद और आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला गोहन थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 का है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि गोहन थाना क्षेत्र के बिजदुआ निवासी हरनारायण दीक्षित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांवदारी के विवाद में 12 सितंबर 2016 की सुबह करीब दस बजे उसके भतीजे अरुण कुमार उर्फ पप्पू पुत्र उमादत्त दीक्षित को गांव के ही हाकिम सिंह पुत्र मलखान सिंह और उसके दो बेटों रोशन सिंह एवं श्यामजी ने लाठी डंडों और बंदूक की बटों से बेरहमी से बुरी तरह लहूलुहान कर दिया था। गंभीर हालत में अरुण को ग्वालियर रेफर किया गया था। जहां उपचार के दौरान करीब दस दिन बाद अरुण की मौत हो गई थी। मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि सोमवार को अपर जिला जज अमित पाल सिंह ने दोष साबित होने पर दस दस साल की कैद और आठ आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।