उरई। घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट व सामान में तोड़फोड़ करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने पिता पुत्र को तीन तीन साल की सजा सुनाई। दोनों पर 21-21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के सिकरी राजा गांव निवासी संतोष ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी भाभी व घर की अन्य महिलाओं के साथ गांव के ही रामराजा व उसके बेटे बुद्ध सिंह ने 28 मार्च 2021 को घर में घुसकर मारपीट की थी और घर में रखा सामान तोड़फोड़ दिया था। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थी।
पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, एससीएसटी सहित अन्य धाराओं में तीन दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने पिता पुत्र के खिलाफ एससीएसटी एक्ट कोर्ट में 27 सितंबर 2021 को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट डॉ अवनीश कुमार ने पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।