मांग के बावजूद माइनरों का संचालन फुलगेज से न किए जाने पर किसानों का
गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। माधौगढ़ क्षेत्र के गांव सरावन में किसानों ने
उरई-ऊमरी मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने जमकर प्रशासन के
खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, जाम के चलते यातायात भी तकरीबन तीन घंटे प्रभावित
रहा।
दोपहर एक बजे तक मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा।नहरों
के फुलगेज संचालन के अलावा किसान ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को
आर्थिक सहायता जल्द देने की भी मांग कर रहे थे। काफी देर से पहुंचे एसडीएम
एसपी अग्रवाल व पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह किसानों को समझाकर जाम
खुलवाया।
शुक्रवार देर रात भी फुलगेज से माइनरों में पानी नहीं पहुंचा
तो गांव सरावन के किसानों का गुस्सा भड़क उठा। नाराज किसान बड़ी संख्या में
उरई ऊमरी रोड पहुंच गए और उन्होंने बस स्टैंड के नजदीक मार्ग पर शनिवार की
सुबह जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने जमकर प्रशासनिक अधिकारियों के
खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि
उनकी समस्याओं को अनदेखा किया जा
रहा है। पलेवा के लिए पानी नहीं मिल रहा है। वहीं अभी तक ओला प्रभावित
किसानों को सहायता राशि के चेक नहीं मिले हैं। जिन्हें मिले, उनसे लेखपाल
की ओर से सुविधा शुल्क लिया गया। वहीं, जाम के चलते यातायात तकरीबन तीन
घंटे तक बाधित रहा।
इस दौरान दीपू शर्मा, इरशाद महते, सहादत, कमलेश
राठौर, भूरे राठौर, बब्लू चौहान, राजेंद्र पाल, कैलाश कुशवाहा, गिरिराज
कुशवाह, मनीष नायक, रामकरन, रामप्रकाश आदि मौजूद रहे। बताते चले कि इसके
पहले किसान दो बार जाम लगाकर मांगें पूरी करने की मांग कर चुके हैं। अफसर
पहुुंचे और आश्वासन भी दिया, लेकिन आज तक समस्याएं जस की तस हैं।
वर्जन
खेतों
में पानी पहुंचाने और माइनरों को फुल स्ट्रेंथ से संचालित करने के लिए
बिजली व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की आधा दर्जन से अधिक बैठकें की जा
चुकी हैं। इस दौरान उन्हें कड़े निर्देश भी दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद
यदि कहीं पानी नहीं पहुंचा है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही
संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।- डीएम रामगणेश