कदौरा। फसल खराब होने और कर्ज के बोझ से परेशान किसान की सोमवार को मौत हो गई। खेत से लौटने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन का कहना है कि कर्ज और फसल खराब होने से सदमे में उनकी जान गई है।
थाना क्षेत्र के इटौरा बाबनी गांव निवासी किसान जितेंद्र कुमार सोमवार सुबह खेतों की स्थिति देखने गए थे। परिजनों के अनुसार इस बार फसल की उपज ठीक नहीं थी। करीब 20 बीघा जमीन होने के बावजूद खेती से अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही थी। वहीं, करीब पांच वर्ष पहले उन्होंने त्रिवेणी बैंक से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहे थे। कर्ज और फसल खराब होने के कारण वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे।
परिजनों के मुताबिक खेत से घर लौटने के बाद अचानक जितेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन सीएचसी कदौरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीएचसी से मेमो के जरिए पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
थाना प्रभारी ने बताया कि सीएचसी से मिले मेमो के आधार पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।