महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ एके त्रिपाठी से जानकारी लेती टीएसयू की टीम।
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उरई, जालौन। प्रदेश की टीएसयू (टेक्निकल सपोर्ट यूनिट) की टीम ने सोमवार को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को परखा। टीम ने जिला महिला अस्पताल, हेल्थ वेलनेस सेंटर खर्रा, मड़ोरा के अलावा नदीगांव, कोंच, जालौन सीएचसी आदि का निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी की। जालौन सीएचसी में दवाओं की कमी पर नाराजगी जताई।
जालौन प्रतिनिधि के मुताबिक सोमवार शाम करीब 3 बजे टीम की सदस्य डॉ. वंदना सिंह व धनंजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही प्रसव सुविधाओं को भी देखा। उन्होंने प्रसव रूम में ड्यूटी पर तैनात नर्स नेहा सिंह चौहान से प्रसव के बारे में जानकारी ली। डिलीवरी के उपरांत जच्चा बच्चा को होने वाली दिक्कतों के बारे में भी बात की। बीते एक माह में नवजात शिशुओं की मौत संबंधी आंकड़ों को पूछे जाने पर बताया गया कि संख्या शून्य रही।
चिकिस्ता से जुड़े कर्मियों ने बताया कि सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में ग्ब्लस, विटामिन समेत अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिससे दिक्कत होती है। ऐसे में मजबूरी में बाहर से दवाएं मंगानी पड़ती हैं। इस पर टीम के सदस्यों ने दवाओं के लिए मिलने वाले बजट के बारे में पूछा तो बता गया कि चिकित्सालय का बजट साढ़े 5 लाख का है। बजट के आधार पर दवाओं की उपलब्धता शासन स्तर से होती है। उन्होंने आवश्यक दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए डिमांड भेजे जाने के निर्देश सीएचसी प्रभारी डॉ. शक्ति मिश्रा को दिए।
टीम ने नवजात शिशुओं संबंधी दस्तावेजों और नर्सिंग मेंटीनेंस से संबंधित रजिस्टर को भी देखा। इस मौके पर सीएचसी प्रभारी के अलावा डॉ. राजीव कुमार, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. योगेश आर्या, अवधेश राजपूत, एके दौंदेरिया, सचिन कुमार, बब्बू, अचोस, नरेंद्र आदि मौजूद रहे। वहीं उरई में भी टीम के अधिशासी निदेशक (ईडी) डॉ बसंत कुमार (आईएएस), कम्युनिटी विभाग की डॉ ममता की ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इसके बाद हेल्थ वेलनेस सेंटर खर्रा, मड़ोरा के अलावा नदीगांव, कोंच आदि का भी निरीक्षण किया।