उरई। झांसी से जीआरपी सीओ सोहराब आलम ने मंगलवार को जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने दरोगा संग बैठक कर त्योहारों को यात्रियों की सुरक्षा विशेष ध्यान दिया जाए। ट्रेन में एस्कॉर्ट करने वाले सिपाहियों से यात्रियों की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में झांसी अनुभाग के अंतर्गत आने वाले आठ जीआरपी थानों 1838 अपराधियों को जेल भेजा गया। यह अपराधी जेल से छूट गए हैं। उन्होंने जिस जिले के वह निवासी हैं, उसे जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपने स्तर पर उनके बारे में पूरी जानकारी रखने के लिए कहा गया है।
जालौन जनपद के 66, झांसी के 184 व ललितपुर जनपद के 148 अपराधी जेल से बाहर हैं। सीओ ने बताया कि झांसी अनुभाग के अंतर्गत आने वाले सेक्शनों में 262 सक्रिय अपराधी हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी तरफ से 12 अगस्त को एक पीडीएफ जारी की है। जो दरोगाओं और सिपाहियों के पास पीडीएफ फाइल मोबाइल में रहती है। जिसके जरिए वह ट्रेन में एस्कॉर्ट कर रहे या प्लेटफार्म पर ड्यूटी कर रहे उस समय यह अपराधी डोजर की निगरानी में अगर आ जाते हैं तो उन पर तत्काल कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि जीआरपी में पहली बार झांसी अनुभाग में अपराधियों की निगरानी के लिए वन पेजर बनाया गया है। इसमें सारे अपराधियों की फोटो उनका पता और वह किन-किन अपराधों में वांछित हैं, सब पीडीएफ में होता है। इसको खोलने के लिए सभी दरोगा व सिपाहियों के पास पासवर्ड होता है। निरीक्षण में थानाध्यक्ष नागेंद्र सरोज, दरोगा सुरेंद्र सिंह चौहान, ईश्वरदीन साहू, कालपी चौकी इंचार्ज संजना सिंह मौजूद रही।