उरई। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सर्वदलीय नेताओं ने झांसी कानपुर हाईवे पर सड़क के किनारे धरना दिया। इस दौरान पुलिस फोर्स तैनात रहा। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन दिया। इसके बाद थोड़ी देर धरनासभा के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। उधर, भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार के नेतृत्व में शनिवार को किसानों ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन एडीएम प्रमिल कुमार को सौंपा।
शनिवार को किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक कामरेड कैलाश पाठक, पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी, पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, सपा के प्रांतीय नेता प्रदीप दीक्षित, अशोक गुप्ता महाबली, वीरपाल दादी, चौधरी विष्णु पाल सिंह नन्नू राजा, शिक्षक नेता गिरेंद्र सिंह, महेंद्र भाटिया, सुरेश निरंजन भैयाजी, सुरेंद्र मौखरी, मिर्जा साबिर बैग, शफीकुर्रहमान कश्पी, कपिल यादव गुमावली, अनिल शर्मा, केपी सिंह, महेश द्विवेदी सर, कामरेड रामसिंह आदि बड़ी संख्या में किसान बड़ागांव हाईवे पर पहुंच गए और सड़क के किनारे धरना शुरू कर दिया।
किसानों ने मोदी सरकार को पूंजीपतियों का हितैषी और किसान विरोधी बताते हुए जमकर भड़ास निकाली। कहा कि जब तक तीनों कानून वापस नहीं हो जाते है तब तक किसान अपने घरों पर काले झंडे लगाकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। एडीएम व एएसपी ने ज्ञापन लेकर किसानों का धरना समाप्त कराया। इस दौरान कृष्णपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, आमीन खा, अनुज मिश्रा, चौधरी श्याम सुंदर, रेहान सिद्दीकी, अशोक द्विवेदी, संदीप यादव, आदेश शुक्ला, राकेश तिवारी, संजीव तिवारी, कुसुम, उर्मिला, सीमा, सरोज, हरिशंकर समेत सैंक़ड़ों किसान मौजूद रहे। गायक मिर्जा साबिर वेग तथा कुलदीप चतुर्वेदी ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत सुनाए।
भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की अनदेखी कर हठधर्मिता पर अड़ी हुई है आज किसान सड़कों पर संघर्ष कर रहा और सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने एवं उसे बदनाम करने की साजिश रच रही है। इस दौरान रामकुमार पटेल, भगवानदास, गजेंद्र सिंह, हरीशंकर, शशिकांत, रवींद्र पटेल, भगत सिंह, मंगल सिंह, देवेंद्र विदुआ भानसिंह, घनाराम, रामपाल आदि रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी माधौगढ़ के अनुसार, कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शिवबालक सिंह की अगुवाई में कई किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार प्रेमनारायण प्रजापति को सौंपा। समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाकर समर्थन मूल्य के नीचे खरीद को अपराध की श्रेणी में घोषित किया जाए। आंदोलनरत किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस किए जाए। कृषि कार्य के लिए डीजल आधे रेट पर दिया जाए। बिजली की बढ़ी दरों को वापस किया जाए। अन्ना गोवंश से परेशान किसानों के लिए गांवों में अस्थाई गोशाला बनाई जाए। इस दौरान रामकुमार द्विवेदी, हरनारायण, श्यामू सेंगर, जोगेंद्र, आजाद खान, जावेद खान आदि मौजूद रहे।